'INDIA' के सहारे अखिलेश का बड़ा दांव, UP-27 के लिए 'तीसरा' की तैयारी! क्या रोक पाएंगे योगी की हैट्रिक? Explained

Written By: Arun Kumar Updated by: Arun Kumar
Updated Date:June 8, 2026 3:15 PM IST

UP में अब तक सपा-कांग्रेस दो बार साथ आए हैं. पहली बार 2017 के विधानसभा चुनावों में 'UP के दो लड़के' नाम से राहुल-अखिलेश साथ-साथ हुए थे, तब दोनों को हार मिली. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनावों में दोनों साथ हुए तो इससे प्रदेश में BJP को तगड़ा झटका लगा था. UP के इस झटके के चलते BJP लोकसभा में 240 सीटों तक सिमट गई. अब तीसरी बार यह जोड़ी साथ-साथ होने के समीकरण तलाश रही है.

  • 2026 विधानसभा चुनावों में INDI गठबंधन को करारा झटका लगने के बाद नई दिल्ली में अहम मीटिंग
  • 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले NDA-BJP के खिलाफ मजबूत विकल्प बनना चाहते हैं विपक्षी दल
  • इस बैठक में अखिलेश यादव की यूपी के समकरणों पर नजर, प्रदेश में BJP को हराने के लिए चाहिए कांग्रेस का साथ
  • अगर UP में मजबूत होगा INDI गठबंधन तो उदारवादी छवि के चलते मुस्लिम वोटों को साधने में मिलेगी मदद
  • अखिलेश यादव का फोकस UP में 2027 विधानसभा चुनावों में रोकना चाहते हैं योगी की हैट्रिक

केंद्र में 2014 से बाहर चल रही कांग्रेस और उसके समर्थन में खड़े सहयोगी दल अब 2029 में होने वाले आम चुनावों के लिए तैयारियों में जुटने लगे हैं. इस कड़ी में राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) सोमवार को नई दिल्ली में अहम बैठक कर रहा है. इस मीटिंग का मकसद केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अपनी एकता को मजबूत कर 2029 में होने वाले आम चुनावों के लिए जनता के सामने दमदार विकल्प पेश करना है. इंडी गंठबंधन का नेतृत्व संभाल रही कांग्रेस का दावा है कि सोमवार को हो रही इस मीटिंग 23 दलों के जुटने की उम्मीद है.

Advertising
Advertising

हाल के विधानसभा चुनावों से 'INDIA' को तगड़ा झटका

हाल ही में देश के 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में INDI गठबंधन को करारा झटका लगा है. पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार तृणमूल कांग्रेस (TMC) सत्ता से बाहर हो गई, जबकि तमिलनाडु में DMK सत्ता से बाहर हो गई. इसके अलावा असम में BJP ने अपनी हैट्रिक जमाई है और पुड्डुचेरी में NDA गठबंधन को जीत मिली है. इन चुनावों में कांग्रेस के खाते में केरल में सत्ता में जरूर आई है. यहां उसने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की है, लेकिन इसका असर उसके राष्ट्रीय गठबंधन पर पड़ा है. अब लेफ्ट पार्टियां कांग्रेस के साथ इंडी गठबंधन में रहने में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रही हैं.

INDI गठबंधन की बैठक से अखिलेश यादव को उम्मीद @NotebookLM से

INDI गठबंधन से क्यों बाहर हुए DMK और AAP?

उधर तमिलनाडु में कांग्रेस ने अपने सहयोगी DMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था लेकिन यहां जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली नई पार्टी तमिलागा वेत्री कषघम (TVK) के सबसे बड़ा दल के रूप में आने के बाद उसने DMK को छोड़कर TVK से हाथ मिला लिया, जिसके बाद DMK भी अब INDI से बाहर हो गई है. उदर दिल्ली विधान सभा चुनाव हारकत सत्ता से बाहर हुई अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP ने भी खुद को इस गंठबंधन से अलग कर लिया है. AAP की फिलहाल पंजाब में सरकार है और उसका यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही ही तो ऐसे में पार्टी को INDI गठबंधन में रहने का कोई अर्थ समझ नहीं आ रहा.

2029 के आम चुनावों से पहले देश में 16 राज्यों में बारी-बारी विधानसभा चुनाव होने हैं. साल 2027 में 7 राज्यों के विधानसभा चुनाव होंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश के अलावा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, गोवा भी शामिल हैं. इसके बाद साल 2028 में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक प्रमुख हैं. अगले आम चुनावों से पहले INDI गठबंधन इनमें अपनी एकता दिखाना चाहता है. 

अखिलेश यादव के लिए क्यों जरूरी है INDI गठबंधन?

इन तमाम उठापटक के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों की चिंता होगी. उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दे दिए हैं कि वे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट जाएं. 2017 में सत्ता से बाहर होने के बाद अखिलेश यादव 2022 में भी बीजेपी से चुनाव हार गए थे. वह अब यह कतई नहीं चाहेंगे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां जीत की हैट्रिक दर्ज करें.

UP विधानसभा चुनावों में INDIA गठबंधन पर नजर (इन्फोग्राफ@AI से)

INDIA गठबंधन की अहम मीटिंग कहां आयोजित हो रही है?

INDIA गठबंधन की मीटिंग नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित हो रही है.

INDIA गठबंधन क्या है?

इंडिया' (INDIA) गठबंधन केंद्र में बनी BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार के राजनीतिक विरोध में बना मोर्चा है. इसमें सरकार के विपक्ष में रहने वाले देश भर के दल शामिल हैं.

INDIA गठबंधन में कितने दल शामिल हैं?

INDIA गठबंधन की सोमवार (8 जून 2026) को हो रही बैठक के मुताबिक इसमें कुल 23 राजनीतिक दल शामिल हैं. इसकी बैठक 2 साल बाद हो रही है. इससे पहले सभी विपक्षी दलों ने 2024 के लोकसभा चुनावों से ऐन पहले खास मीटिंग की थी.

INDIA गठबंधन किस पार्टी के नेतृत्व में बना है?

INDIA गठबंधन में साफ तौर पर यह तय नहीं हो पाया है कि आखिर इस मोर्चे का नेतृत्व कौन करेगा. कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते यह दावा करती है कि विपक्षी चेहरों में वही सबसे बड़ा दल है तो उसे ही इस मोर्चे का नेतृत्व मिलेगा लेकिन इस गठबंधन के कई क्षेत्रीय दल समय-समय पर इस पर सहमति और असहमति जताते रहे हैं.

INDIA गठबंधन ने जून 2026 की यह मीटिंग क्यों तय की?

हाल ही में 4 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश (पुदुचेरी ) के विधानसभा चुनाव हुए. यहां विपक्षी दलों को करारा झटका लगा है. असम में बीजेपी ने हैट्रिक जमाई, वहीं पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारा झटका लगा, जहां BJP ने पहली बार उससे सत्ता छीन ली. तमिलनाडु में भी DMK-कांग्रेस गठबंधन की हार हुई और यहां बनी नई राजनीतिक पार्टी TVK ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना ली है. ऐसे में DMK ने इंडी गठबंधन का साथ छोड़ दिया. केरल में कांग्रेस की सरकार बनी तो लेफ्ट दलों ने नाराज होकर इस गठबंंधन से दूरी बनाने का फैसला किया है. ऐसे में इस मोर्चे में जोड़तोड़ पर काबू रखना उसकी सबसे बड़ी चुनौती हो रही है.

UP में सपा को कांग्रेस से क्या मिलेगा?

ऐसे में अखिलेश समय-समय पर यह पहले भी साफ कर चुके हैं कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव INDI गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेंगे. कांग्रेस के साथ मिलकर बने INDI गठबंधन में राष्ट्रीय स्तर पर भले उठापटक दिख रही है लेकिन अखिलेश चाहेंगे कि कम से कम उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव आने तक विपक्ष के नजरिए से उनकी एकता बनी रहे. राज्य में इस गठबंधन के वह बड़ा चेहरा हैं और कांग्रेस उनके सहयोगी के रूप में भूमिका निभा सकती है.

UP में क्या था विधान सभा 2022 का रिजल्ट?

खबरें हैं कि यूपी चुनावों को लेकर इस गठबंधन ने रूप-रेखा तय कर ली है. सही समय आने पर इसका ऐलान होगा. अगर दोनों पार्टियां यहां मिलकर चुनाव लड़ती हैं तो वह बीजेपी के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं. 2022 के विधानसभा चुनावों में दोनों ही दल अलग-अलग मैदान पर उतरे थे, जहां कांग्रेस कहीं कि नहीं रही थी और उसे सिर्फ 2 सीटें मिली थीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने 111 सीटें जीतकर सबसे बड़े विपक्षी दल के रूप में अपनी एंट्री दर्ज की. सत्तारूढ़ बीजेपी को यहां 255 सीटें मिली थीं.

क्या UP के लिए 'तीसरा' बना पाएंगे अखिलेश यादव?

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर दो बार साथ मिलकर प्रयोग किए हैं. पहली बार तो दोनों को मुंह की खानी पड़ी थी लेकिन दूसरी बार पिछले लोकसभा चुनावों (2024) में दोनों को शानदार कामयाबी मिली थी. 2019 के लोकसभा चुनावों में यूपी से 62 सीटें अपने नाम करने वाली बीजेपी को 2024 के आम चुनावों में सिर्फ सिर्फ 33 सीट ही मिलीं. उससे ज्यादा सीटें समाजवादी पार्टी (37 सीट) और कांग्रेस (6 सीटें) कुल 43 सीटें मिलीं.

क्या मुस्लिम वोट साधने के लिए सपा के लिए जरूरी है INDIA का समीकरण?

अखिलेश यादव जानते हैं कि राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ विधानसभा चुनावों की दृष्टि से राज्य दर राज्य तेजी से मजबूत हो रही बीजेपी को विपक्ष मिलकर ही चुनौती दे सकता है. वह अब MY फैक्ट (मुस्लिम+यादव) के बूते नहीं चल पाएंगे. ऐसे में वह PDA (पिछड़ा, दलित और अगड़ा) को भी साथ लाने के प्रयास कर रहे हैं. इस मुहिम में कांग्रेस अगर सपा के साथ होती है तो मुस्लिम वोट एक इक्ट्ठा करना आसान हो जाएगा और ऐसे में उनका एक फैक्टर सध जाएगा. यादव फैक्टर को वह अपने साथ ही मानते हैं, तो अपनी बाकी ऊर्जा को वह मिलकर PDA के फॉर्म्यूले में झोंकने चाहेंगे, जिससे चौंकाने वाले नतीजे ला सकें.

क्या बंगाल चुनावों के बाद BJP को रोकने का यही रास्ता?

INDI गठबंधन को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी से बहुत उम्मीदें थीं. वह ममता की हैट्रिक यहां तय मान रहे थे. TMC और कांग्रेस यहां चुनाव मैदान में अलग-अलग उतरे थे. TMC के खाते में 80 सीटें आईं, जबकि कांग्रेस सिर्फ 2 पर जीत दर्ज कर पाई. पहली बार सत्ता में आई बीजेपी यहां 293 सीटों वाली विधानसभा में 207 सीटें जीतकर काबिज हुई है. असम में बीजेपी हैट्रिक जमा चुकी है. इस समय देश में 22 राज्यों में बीजेपी और उसके गठबंधन की सरकार है, जबकि सिर्फ 6 राज्य ही ऐसे बचे हैं, जहां टुकड़ों में बंटे विपक्षी दलों की सरकार है.

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें