घर में मंदिर हो तो सुख, शांति, सौभाग्‍य की कामना होती है. ये इच्‍छा ईश्‍वर पूरी भी करते हैं. पर बहुत कम लोग जानते हैं कि घर पर मंदिर रखने के नियम क्‍या हैं.

ये 11 नियम बेहद सामान्‍य हैं. पर इनकी अनदेखी करने से ईश्‍वर रुष्‍ट हो जाते हैं.

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इससे सौभाग्‍य का आशीर्वाद, दुर्भाग्‍य में बदल सकता है. आप भी जानें इन नियमों के बारे में.

– वास्‍तु में कहा गया है कि घर में मंदिर सदैव पूर्व या उत्‍तर दिशा में ही होना चाहिए.

– कहा गया है कि मंदिर में एक भगवान की एक से अधिक मूर्ति या तस्‍वीर नहीं होनी चाहिए. अगर ऐसा है तो ये आमने-सामने ना रखी जाएं.

– जिस तस्‍वीर या मूर्ति की आप पूजा करते हों वो कभी खंडित या फटी नहीं होनी चाहिए.

– घर में मंदिर की ओर या भगवान की ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए.

– मंदिर के आसपास या सामने शौचालय नहीं होना चाहिए.

– पूर्वजों को मंदिर में स्थापित नहीं करना चाहिए. इनकी तस्‍वीर को सदैव मंदिर के बाहर या भगवान से नीचे लगाना चाहिए.

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– देवी-देवताओं की सौम्य रूप वाली तस्वीरें रखनी चाहिए. रौद्र रूपों को त्‍याग देना चाहिए.

– मंदिर है तो वहां रोज पूजा की जानी चाहिए. उसे दिन में बंद ना रखें. जिस दीपक से पूजा करें वो खंडित ना हो.

– भगवान की मूर्तियों को एक-दूसरे से 1 इंच की दूरी पर रखें.

– शनि देव और भैरव जैसे देवों की मूर्ति घर के मंदिर में नहीं रखी जाती.

– कई बार लोग केवल धूप-अगरबत्‍ती जलाकर ही पूजा समाप्‍त कर लेते हैं. पर भगवान को भोग लगाना आवश्‍यक है. आप अपने सामर्थ्‍य अनुसार ईश्‍वर को भोग अवश्‍य लगाएं.

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