Mahashivratri: दिन में तीन बार बदलता है इस दिव्य शिवलिंग का रंग, जानिए कहां हैं भगवान भोलेनाथ का चमत्कारिक मंदिर

Achleshwar Mahadev Temple: अचलेश्वर महादेव मंदिर का दिव्य शिवलिंग सुबह लाल, दोपहर में केसरिया और रात को सांवला हो जाता है.

Published date india.com Published: February 26, 2025 7:18 AM IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है.)
(प्रतीकात्मक तस्वीर AI की मदद से बनाई गई है.)

Mahashivratri 2025: देश भर में आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है. इस अवसर पर शिवभक्त भारी संख्या में देश भर के शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं. कई प्रमुख शिवमंदिरों में मंगलवार रात से ही भक्तों की कतारें लगी हुई हैं. भारत में कई ऐसे शिवमंदिर हैं जिन्हें चमत्कारिक माना जाता है. यहां भगवान शिव के चमत्कार के दर्शन साक्षात होते हैं. ऐसा ही एक मंदिर है चंबल नदी के बीहड़ों में. यहां स्थित शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है. आइये इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

कहां है रंग बदलने वाला  दिव्य शिवलिंग…

राजस्थान के पूर्वी द्वार पर मध्य प्रदेश के मुरैना और उत्तर प्रदेश के आगरा के बीच स्थित धौलपुर में चंबल नदी के बीहड़ों में अचलेश्वर महादेव मंदिर है. यह जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे 44 से करीब 250 मीटर अंदर चंबल नदी के बीहड़ में स्थित है. इस मंदिर का स्वयंभू शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है. ये शिवलिंग कितना पुराना है, इसकी किसी के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है. लेकिन कुछ भक्त इसे करीब 1 हजार वर्ष पुराना बताते हैं.

अचलेश्वर महादेव मंदिर का दिव्य शिवलिंग सुबह लाल, दोपहर में केसरिया और रात को सांवला हो जाता है. इस प्राचीन महादेव मंदिर के बारे में कई मान्यताएं जुड़ी हैं. कहा जाता है कि यहां सच्चे मन से जो भी पूजा-अर्चना करने आता है, उसकी हर प्रकार की मनोकामना पूरी होती है, शादी विवाह की रुकावटें दूर हो जाती हैं.

शिवलिंग का आकार भी है रहस्य…

वर्ष 2000 में शिवलिंग की गहराई जानने के लिए खुदाई करवाई गई थी. इसमें जमीन के अंदर शिवलिंग का आकार गहराई के साथ विशाल होता चला गया.  इस दौरान करीब 20 फीट तक खुदाई की गई. लेकिन शिवलिंग के आकार का पता नहीं चल सका. इसके बाद खुदाई कार्य बंद कर दिया गया. इस मंदिर के प्रत‍ि लोगों में गहरी आस्था है. यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने आते हैं.

यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर एक बड़ा मेला भी लगता है. स्थानीय लोग मानते हैं कि भगवान स्वयं यहां प्रकट हुए हैं. लोगों का मानना है कि व्यक्ति जो भी मनोकामना लेकर यहां आता है, वो पूर्ण होती हैं. महादेव के इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां कुंवारे लड़के और लड़कियां अपने मनचाहे जीवनसाथी की कामना लेकर आते हैं और शिवजी उसे पूरा करते हैं.

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