नई दिल्ली: 5 नवंबर यानी आज कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी है, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है. इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि अक्षय नवमी पर आंवले के पेड़ की पूजा करने से देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा मिलती है. बता दें कि इस पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:39 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक का है.

कहा जाता है कि भगवान विष्णु आंवले के पेड़ में वास करते हैं इसलिए आंवले के पेड़ के साथ ही भगवान विष्णु की भी इस दिन पूजा की जाती है. इस दिन दान-पुण्य किया जाता है और आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाया जाता है. माना जाता है कि इस दिन यदि कोई व्यक्ति कुछ खास उपायों को करता है तो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है.

Akshay Navami 2019: अक्षय नवमी महत्‍व, शुभ मुहूर्त, आंवले के पेड़ की पूजन विधि…

ये हैं खास उपाय-

– इस दिन पानी में आंवले का रस मिलाकर स्नान करने से कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं.

– ऐसा करने से आपके आसपास की नेगेटिव एनर्जी खत्म होती है, और पॉजिटिव एनर्जी मिलती है.

– आंवले के रस से स्नान करने के और भी कई फायदे हैं, इससे आपकी त्वचा में चमक आती है.

– आंवले के पानी से स्नान करने से सारे संकट दूर होते हैं और आपको सफलता मिलती है.

– इस दिन पानी में आंवला मिलाकर नहाने से आपका भाग्य भी चमक सकता है.

– आंवले के नियमित सेवन से आयु बढ़ती है और बीमारियों से रक्षा होती है.

– कहा जाता है कि नियमित आंवले के पानी को पीने से पाप भी नष्ट होता है.

पूजन विधि
सुबह जल्दी उठें. स्नान करें. आंवले के पेड़ के आसपास साफ-सफाई करें. पेड़ की जड़ पर स्वच्छ जल चढ़ाएं. फिर दूध चढ़ाएं. पेड़ की पूजा करें. वृक्ष के तने पर कच्चा सूत या मौली बांधें. इसे 8 बार परिक्रमा करते हुए बांधें. अब मनचाहा वरदान मांगें. पेड़ नीचे बैठकर परिवार के साथ प्रसाद ग्रहण करें.