नई दिल्ली: वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि एक ऐसी ही तिथि है जिसे बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है. इस तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है. जो कि इस साल 7 मई को पड़ रही है. यह दिन इतना शुभ होता है कि बिना किसी मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था. इसी दिन सतयुग का आरंभ हुआ था. Also Read - Akshaya Tritiya 2020 Date: 26 अप्रैल को मनाया जाएगा अक्षय तृतीया का पर्व, जानें महत्व, योग और मुहूर्त से जुड़ी सभी बातें

शुभ मुहूर्त
तृतीया तिथि प्रारंभ – 03:17 (7 मई 2019)
तृतीया तिथि समाप्ति – 02:17 (8 मई 2019) Also Read - Akshay Tritiya 2019: मां लक्ष्‍मी के इन शक्तिशाली मंत्रों का करें जाप, मिलेगा अपार धन...

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अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त
इस बार अक्षय तृतीया पूजा का मुहूर्त 05:40 से 12:17 बजे तक है. इस बार मुहूर्त की अवधि 6 घंटे 37 मिनट तक है. ऐसे में आप भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं.

सोना खरीदने का शुभ समय
अक्षय तृतीया खुद में इतना शुभ होता है कि आप पूरे दिन खरीदारी कर सकते हैं. वैसे सोना खरीदने के लिए 05:40 से 26:17+ के बीच का चौघड़िया शुभ मुहूर्त है.

प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) = 08:59 – 13:57
मध्याह्न मुहूर्त (शुभ) = 15:37 – 17:16
सायं मुहूर्त (लाभ) = 20:16 – 21:37
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) = 22:57 –26:17+

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पूजन विधि
अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के साथ-साथ धन के देवता कुबेर की भी पूजा की जाती है.
एक लकड़ी का तख्त लें और उस पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछा दें.
इस पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के साथ-साथ धन कुबेर की मूर्ति या तस्वीर भी रखें.
मां लक्ष्मी की मूर्ति भगवान विष्णु के बाई ओर ही रखें और कुबेर को दाईं तरफ. आपने तस्वीरों में भी ऐसा ही देखा होगा.
मिट्टी, पीतल या तांबे के दीया में दीप जलाएं. दीप जलाने के लिए शुद्ध घी का इस्तेमाल करें.
भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और धन कुबेर देवता के सामने हाथ जोड़कर बैठें और उन्हें प्रार्थना स्वीकार करने के लिए मन ही मन आमंत्रित करें. उन्हें अपने घर बुलाएं और आर्शीवाद देने को कहें.
हल्दी, कुमकुम और चंदन और अक्षत का टीका लगाएं.
तीनों देवी-देवताओं को केला, नारियल, पान सुपारी, मिठाई और जल चढ़ाएं.
कुछ देर भगवान के सामने हाथ जोड़कर उनकी प्रार्थना करें और उनका आर्शीवाद मांगे.
आरती गाएं और साथ में घंटी जरूर बजाएं. क्योंकि घंटियों की ध्वनि से नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर चली जाती है.

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अगर व्रत रखना है तो कैसे करें पूजा
अक्षय तृतीया पर आप चाहें तो व्रत भी कर सकते हैं यह बहुत शुभकारी और फलदायी होता है. अक्षय तृतीया के दिन पूजा करने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें. घर की सफाई व नित्य कर्म से निवृत्त होकर पवित्र या शुद्ध जल से स्नान करें. इसके बाद घर के मंदिर में या किसी भी साफ सुथरी जगह पर भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें. इसके बाद यह मंत्र पढ़ें…

ममाखिलपापक्षयपूर्वक सकल शुभ फल प्राप्तये
भगवत्प्रीतिकामनया देवत्रयपूजनमहं करिष्ये.

भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं. भगवान विष्णु को माला चढ़ाएं. नैवेद्य में जौ या गेहूं का सत्तू, ककड़ी और चने की दाल अर्पण करें. अगर हो सके तो विष्णु सहस्रनाम का जप करें. तुलसी मा को भी जल चढ़ाएं और आरती गाएं.

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