Amalaki Ekadashi 2025 Kab Hiai Know The Correct Date Of Amalaki Ekadashi Shubh Muurat Of Puja And Impotance
Amalaki Ekadashi 2025 Date: 26 या 27 फरवरी! आखिर कब रखा जाएगा आमलकी एकादशी का व्रत? नोट करें सही डेट
Amalaki Ekadashi 2025 Date: हिंदू धर्म में एकादशी के दिन श्रीहरि भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है और इस दिन व्रत रखने वाले जातक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है.
Amalaki Ekadashi 2025 Date: सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है और साल में कुल 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं. फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं और इस दिन भगवान विष्णु के साथ ही भगवान श्रीकृष्ण का भी पूजन किया जाता है. आमलकी एकादशी के दिन आंवले की पूजा का खास महत्व होता है और कहते हैं कि इस दिन व्रत रखने व आंवले के वृक्ष की पूजा करने से पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है. आइए जानते हैं इस साल कब रखा जाएगा आमलकी एकादशी का व्रत?
आमलकी एकादशी 2026 कब है?
फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 26 फरवरी को देर रात 12 बजकर 33 मिनट पर शुरू होगी और 27 फरवरी को रात 10 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में उदयातिथि के अनुसार आमलकी एकादशी का व्रत 27 फरवरी 2026, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा. इस व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है, ऐसे में आमलकी एकादशी व्रत का पारण 28 फरवरी 2026 को होगा. पारण का समय 28 फरवरी को सुबह 6 बजकर 47 मिनट से लेकर 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा.
हिंदू धर्म में आमलकी एकादशी का दिन बहुत ही शुभ व महत्वपूर्ण माना जाता है और कहते हैं कि इस दिन व्रत रखने वाले जातक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है. जिसके बाद अंत में श्रीहरि के चरणों में बैकुंठ में स्थान मिलता है. इस दिन विधि-विधान से यदि भगवान विष्णु का पूजन किया जाए तो घर में सुख-समृद्धि आती है और खुशहाली का वास होता है. इतना ही नहीं, आमलकी एकादशी का व्रत संतान प्राप्ति की कामना से भी रखा जाता है ओर इस दौरान जातक भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल का पूजन किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण का वास होता है, इसलिए इस दिन आंवले की पूजा करना बहुत ही फलदायी माना गया है.
आमलकी एकादशी पर करें इन मंत्रों का जाप
आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की उपासना करना बहुत ही फलदायी माना गया है और कहते हैं कि यदि विष्णु जी प्रसन्न हो जाएं तो अपने जातक को सुख-समृद्धि व खुशहाली का आशीर्वाद देते है. इस दिन विष्णु जी की पूजा के बाद कुछ मंत्रों का जाप करना भी फलदायी माना गया है. आइए जानते हैं कि आमलकी एकादशी के दिन किन मंत्रों का जाप करना चाहिए.
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो नारायणाय
ॐ विष्णवे नम:
ॐ हूं विष्णवे नम:
ॐ अं वासुदेवाय नम:
ॐ आं संकर्षणाय नम:
ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:
ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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