जम्मू से 5,522 तीर्थयात्रियों का एक जत्था गुरुवार को अमरनाथ गुफा के लिए रवाना हुआ. पिछले तीन दिनों में करीब 33,694 यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. Also Read - अमरनाथ यात्रा इस साल भी रद्द, कोरोना संकट को देखते हुए अमरनाथ बोर्ड का बड़ा फैसला

पुलिस ने बताया कि सुरक्षा सहित दो काफिले घाटी के लिए रवाना हुए हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 2,520 यात्री बालटाल बेस कैंप के लिए जबकि 3,002 यात्री पहलगाम के बेस कैंप के लिए रवाना हुए हैं. Also Read - अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले मारा गया मोस्ट वांटेड पाक आतंकी वलीद, सेना ने कहा- यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध

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मौसम विभाग ने दोनों रास्तों पर मौसम सही रहने का पूर्वानुमान जताया है.

वार्षिक अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 1 जुलाई से शुरू हुई, जो 45 दिन बाद, 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन समाप्त होगी.

श्रद्धालुओं के अनुसार, समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में बनने वाली बर्फ की विशाल संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों की प्रतीक है.

स्थानीय मान्यता के अनुसार, बूटा मलिक नामक एक मुस्लिम चारवाहे ने 1850 में इस पवित्र गुफा की खोज की थी. एक सूफी संत ने चारवाहे को कोयले का बोरा दिया था, जो सोने में परिवर्तित हो गया था.