इस साल 1 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में गुरुवार तक 50,483 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के ‘दर्शन’ पूरे कर लिए हैं. शुक्रवार को 4,722 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू से पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ है. प्रशासन ने ये जानकारी दी है.

पुलिस ने कहा कि जहां 2,147 श्रद्धालु एक सुरक्षा काफिले में भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालु बालटाल आधार शिविर के लिए निकले, वहीं 2,575 पहलगाम के लिए रवाना हुए.

श्रद्धालु दर्शन करने के बाद उसी दिन वापसी के लिए 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं जबकि 45 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को तीर्थस्थल तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं. दोनों शिविरों में हेलीकाप्टर सेवाएं उपलब्ध हैं.

एक जुलाई से शुरू हुई 45 दिवसीय वार्षिक यात्रा 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ संपन्न होगी.

श्रद्धालुओं के अनुसार, समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में बनने वाली बर्फ की विशाल संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों की प्रतीक है.

स्थानीय मान्यता के अनुसार, बूटा मलिक नामक एक मुस्लिम चारवाहे ने 1850 में इस पवित्र गुफा की खोज की थी. एक सूफी संत ने चारवाहे को कोयले का बोरा दिया था, जो सोने में परिवर्तित हो गया था.