Amarnath Yatra 2019: इस साल अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. सिर्फ तीन सप्ताह और कुछ दिनों के अंदर यह संख्या 2.9 लाख को पार कर चुकी है. पुलिस ने कहा कि जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से 2,723 यात्रियों का एक जत्था बुधवार को सुरक्षा सहित दो काफिलों में रवाना हुआ. Also Read - अमरनाथ यात्रा इस साल भी रद्द, कोरोना संकट को देखते हुए अमरनाथ बोर्ड का बड़ा फैसला

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “इनमें से 1,247 यात्री बालटाल आधार शिविर जा रहे हैं जबकि 1,476 यात्री पहलगाम आधार शिविर जा रहे हैं.” Also Read - अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले मारा गया मोस्ट वांटेड पाक आतंकी वलीद, सेना ने कहा- यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध

एक अधिकारी ने कहा, “पिछले 23 दिनों में लगभग 2.90 लाख श्रद्धालुओं ने गुफा के अंदर पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर लिए हैं.” Also Read - 23 जून से शुरू होगी बाबा अमरनाथ यात्रा, श्राइन बोर्ड ने वापस लिया यात्रा रद्द करने का फैसला

श्रद्धालुओं के अनुसार, कश्मीर में समुद्र तल से 3,888 मीटर ऊपर स्थित अमरनाथ गुफा में बर्फ की विशाल संरचना बनती है जो भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों की प्रतीक है.

एसएएसबी के अधिकारियों के अनुसार, यात्रा के दौरान 24 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिनमें से 22 तीर्थयात्रियों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है, वहीं दो लोगों की मौत दुर्घटनाओं में हुई है.

तीर्थयात्री पवित्र गुफा तक जाने के लिए या तो अपेक्षाकृत छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से जाते हैं या 45 किलोमीटर लंबे पहलगाम मार्ग से जाते हैं. बालटाल मार्ग से लौटने वाले श्रद्धालु दर्शन करने वाले दिन ही आधार शिविर लौट आते हैं.

पवित्र गुफा की खोज सन 1850 में एक मुस्लिम चरवाहे बूटा मलिक ने की थी. किवदंतियों के अनुसार, एक सूफी संत ने चरवाहे को कोयले से भरा एक बोरा दिया था, जो बाद में सोने से भरे बोरे में बदल गया था.

लगभग 150 सालों से चरवाहे के वंशजों को पवित्र गुफा पर आने वाले चढ़ावे का कुछ भाग दिया जाता है. इस साल 45 दिवसीय अमरनाथ यात्रा का समापन 15 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के साथ होगा.