Anant Chaturdashi 2018: भाद्रपद के शुक्‍लपक्ष की चतुर्दशी के द‍िन अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है. अनंत चतुर्दशी के भगवान व‍िष्‍णु, शेषनाग और यमुना नदी की पूजा की जाती है. इस द‍िन भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है. Also Read - Anant Chaturdashi 2019: इन मैसेज के माध्‍यम से दें अनंत चतुर्दशी, गणेश विसर्जन की शुभकामनाएं...

इस द‍िन कलश में जल रखा जाता है और उसे यमुना नदी मानकर पूजा की जाती है. शेषनाग के रूप में दुर्वा की पूजा की जाती है और कुश से अनंत बनाकर उसकी स्‍थापना करते हैं. जातक रेशम के धागे या सूत की डोरी से भी अनंत रक्षासूत्र तैयार कर उसे अपनी कलाई या बाजू पर बांधते हैं. Also Read - Anant Chaturdashi 2019: जानें व्रत विधि, जरूर करें अनंत सूत्र का जाप...

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ध्‍यान रहे क‍ि अनंत की डोरी अगर मह‍िला बांध रही है तो वह बांए हाथ पर बांधे और पुरुषों को अपने दाएं हाथ पर अनंत की डोरी बांधनी चाह‍िए.

Anant Chaturdashi 2018: व्रत व‍िध‍ि

1. अनंत चतुर्दशी के द‍िन प्रात: काल स्‍नान कर स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें और व्रत करने का संकल्‍प लें.

2. अनंत चतुर्दशी का पूजन यमुना नदी या क‍िसी जलाशय के क‍िनारे क‍िया जाता है. लेकि‍न यद‍ि आसपास कोई नदी नहीं है तो घर में एक कलश में जल भर कर उसे यमुना नदी मानकर उसकी पूजा की जा सकती है.

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3. पूजा के स्‍थान पर कलश में यमुना स्‍वरूपी जल भर कर स्‍थाप‍ित करें.

4. इसके बाद शेष नाग की शैय्या पर लेटे भगवान व‍िष्‍णु की कोई फोटो या मूर्त‍ि स्‍थापि‍त करें.

5. इसके बाद एक सूत्र लें और उसमें 14 गांठें लगा दें.

6. इसके बाद ॐ अनंताय नमः मंत्र का उच्‍चारण करते हुए भगवान विष्णु और अनंत सूत्र की षोडशोपचार विधि से पूजा करें. पूजा करने के बाद अनंत सूत्र का मंत्र पढ़कर पुरुष अपने दाहिने हाथ पर और स्त्री बाएं हाथ पर बांध लें.

अनंत सूत्र का मंत्र

अनंत सागर महासमुद्रेमग्नान्समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंत रूपे विनियोजितात्माह्यनन्त रूपाय नमोनमस्ते॥

7. अनंत व्रत कथा पढ़ें या सुनें.

8. पूजन पूरा होने के बाद ब्राह्मण या जरूरतमंदों को भोजन कराएं और पर‍िवार में प्रसाद व‍ितर‍ित कर स्‍वयं भी प्रसाद लें.

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Anant Chaturdashi 2018: व्रत और पूजा मुहूर्त

अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त : 23 स‍ितंबर 2018 को सुबह 06:14 से 24 स‍ितंबर 2018 को सुबह 07:17 बजे तक.

चतुर्दशी तिथि आरंभ : 23 सितंबर 2018 को 05:43 से शुरू होगी चतुर्दशी त‍िथ‍ि प्रारंभ.

चतुर्दशी तिथि समाप्त : 24 सितंबर 2018 को सुबह 07:17 बजे चतुर्दशी त‍िथ‍ि समाप्‍त हो जाएगी.

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