Anant Chaturdashi 2019 Vrat Vidhi: भाद्रपद के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी व्रत होता है. इस दिन व्रत रखने की परंपरा है.

इस साल अनंत चतुर्दशी तिथि 12 सितंबर, गुरुवार को है. इस दिन व्रत रखने और कथा कहने से कई गुना पुण्‍य की प्राप्ति होती है.

क्‍या करें इस दिन
इस दिन भगवान विष्‍णु, शेषनाग, यमुना नदी की पूजा की जाती है. भगवान गणेश की भी पूजा की जाती है. गणेश चतुर्थी से आरंभ हुआ गणेश उत्‍सव इस दिन समाप्‍त होता है. लोग गणपति विर्सजन करते हैं.

व्रत विधि
ध्‍यान रहे कि अनंत की डोरी अगर महिला बांध रही है तो वह बाएं हाथ पर बांधे और पुरुषों को अपने दाएं हाथ पर अनंत की डोरी बांधनी चाहिए.

1. प्रात: काल स्‍नान कर स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें और व्रत करने का संकल्‍प लें.

2. अनंत चतुर्दशी का पूजन यमुना नदी या किसी जलाशय के किनारे किया जाता है. लेकि‍न यदि आसपास कोई नदी नहीं है तो घर में एक कलश में जल भर कर उसे यमुना नदी मानकर उसकी पूजा की जा सकती है.

3. पूजा के स्‍थान पर कलश में यमुना स्‍वरूपी जल भर कर स्‍थापित करें.

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4. इसके बाद शेष नाग की शैय्या पर लेटे भगवान विष्‍णु की कोई फोटो या मूर्त‍ि स्‍थापि‍त करें.

5. इसके बाद एक सूत्र लें और उसमें 14 गांठें लगा दें.

6. इसके बाद ॐ अनंताय नमः मंत्र का उच्‍चारण करते हुए भगवान विष्णु और अनंत सूत्र की षोडशोपचार विधि से पूजा करें. पूजा करने के बाद अनंत सूत्र का मंत्र पढ़कर पुरुष अपने दाहिने हाथ पर और स्त्री बाएं हाथ पर बांध लें.

अनंत सूत्र का मंत्र

अनंत सागर महासमुद्रेमग्नान्समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंत रूपे विनियोजितात्माह्यनन्त रूपाय नमोनमस्ते॥

7. अनंत व्रत कथा पढ़ें या सुनें.

8. पूजन के बाद ब्राह्मण या जरूरतमंदों को भोजन कराएं और परिवार में प्रसाद बांटें.