
Neha Awasthi
नेहा अवस्थी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 18 सालों का अनुभव है. नेहा टीवी और डिजिटल दोनों माध्यमों की जानकार हैं. इन 18 सालों में इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ... और पढ़ें
Surya Gochar 2026:भारतीय ज्योतिष और संस्कृति में मेष संक्रांति का विशेष महत्व है. आगामी 14 अप्रैल 2026 को सूर्य देव मीन राशि की अपनी यात्रा पूर्ण कर अग्नि तत्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेंगे. इस दिन को देश के विभिन्न हिस्सों में बैसाखी, विशु और पुथंडु जैसे त्योहारों के रूप में मनाया जाता है, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार की संक्रांति असाधारण होने वाली है. 14 अप्रैल से सूर्य देव अपनी उच्च राशि में जा रहे हैं. जानिए उन 3 राशियों के बारे में जिनकी किस्मत में सूर्य देव ने राजयोग लिख दिया है!.
सूर्य जब मेष राशि में आते हैं, तो वे अपनी उच्च अवस्था में होते हैं। 14 अप्रैल को होने वाले इस गोचर के दौरान मेष राशि में पहले से ही बुध देव विराजमान होंगे. सूर्य और बुध की इस युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा. इसके साथ ही, चंद्रमा और अन्य शुभ ग्रहों की स्थिति वेशि राजयोग को जन्म देगी.मेष संक्रांति पर इन दो दुर्लभ राजयोगों का एक साथ बनना प्रशासनिक लाभ, मान-सम्मान और धन वृद्धि का संकेत है.
मेष राशि (Aries):
मेष संक्रांति आपके लिए ही है. सूर्य आपके लग्न भाव में होंगे.
प्रभाव: आपके भीतर नेतृत्व क्षमता (Leadership) का उदय होगा। सरकारी अटके हुए काम पूरे होंगे। करियर में ‘लॉटरी’ जैसा उछाल देखने को मिल सकता है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और नई ऊर्जा का संचार होगा।
सिंह राशि (Leo):
आपके राशि स्वामी सूर्य अपने परम मित्र मंगल की राशि में और आपके भाग्य स्थान (9वें भाव) में गोचर करेंगे.
प्रभाव: भाग्य का पहिया घूमेगा. संक्रांति के बाद से आपके रुके हुए प्रोजेक्ट्स में गति आएगी. धार्मिक यात्राओं के योग हैं और समाज में आपकी प्रतिष्ठा एक नई ऊंचाई छुएगी.
धनु राशि (Sagittarius)
सूर्य आपके पंचम भाव में रहेंगे. यह भाव बुद्धि और आकस्मिक लाभ का है.
प्रभाव: व्यापारियों के लिए यह समय बंपर मुनाफे का है. यदि आप निवेश करने की सोच रहे हैं, तो मेष संक्रांति के बाद का समय अत्यंत शुभ है. संतान की ओर से कोई बड़ी उपलब्धि हासिल होगी.
मेष संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष विधान है. इस दिन सत्तू, घड़ा, तांबा, गुड़ और गेहूं का दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है और कुंडली के दोष समाप्त होते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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