अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के लिए 2100 किलो वजनी विशाल घंटे का निर्माण किया गया है. इसका निर्माण एटा जिले के जालेसर निवासी मुस्लिम कारीगर इकबाल ने किया है.

घंटे की लंबाई 6 फीट और चौड़ाई 5 फीट है. इसे जालेसर नगरपालिका के अध्यक्ष विकास मित्तल के कारखाने में बनाया गया है. इसे हिंदू-मुस्लिम समुदाय की एकता से जोड़कर देखा जा रहा है.

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इस घंटे को बनाने में करीब 10 से 12 लाख रुपये खर्च हुए हैं. इस बारे में विकास मित्तल ने कहा, “राम मंदिर के घंटे का निर्माण अपने अंतिम चरण में है और इसके साथ ही हमें अन्य मंदिरों के लिए घंटा बनाने के ऑर्डर भी मिल रहे हैं. बढ़ती मांग को देखते हुए हमने और कारीगरों को नियुक्त किया है. 2100 किलो वजनी घंटे पर जालेसर (एटा) का नाम अंकित रहेगा, जिससे कि लोगों को पता चल सकेगा कि यह कहां बना है.”

भव्‍य होगा राम मंदिर
प्रस्तावित राम मंदिर 128 फीट ऊंचा होगा और इसकी चौड़ाई 140 फीट जबकि लंबाई 270 फीट होगी. इस भव्य मंदिर में खास बात यह है कि इसमें इस्पात का उपयोग नहीं किया जाएगा. राम मंदिर में पांच प्रवेशद्वार होंगे: सिंहद्वार, नृत्यमंडप, रंग मंडप, पूजा-गृह, और गर्भगृह हैं. रामलला की मूर्ति भूतल पर ही विराजमान होगी.

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पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फुट पत्थर की आवश्यकता होगी. पत्थर तराशी का काम 1990 में ही शुरू हो चुका था, इसलिए इसमें बहुत सारा काम पहले ही हो चुका है, फिर भी काफी कुछ करना बाकी है. सूत्र बताते हैं कि मंदिर निर्माण का कार्य आसान नहीं है और इसे पूरा करने में कम से कम चार साल लगेंगे.

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