Surya Namaskar: योग के बाद अब सूर्य नमस्कार भी होगा ग्लोबल, मकर संक्रांति पर 75 लाख लोग करेंगे सूर्य नमस्कार

आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) वैश्विक स्तर पर 75 लाख लोगों के लिए एक ग्लोबल सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है. इस कार्यक्रम को शुक्रवार 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है. मकर संक्रांति का हिंदू कैलेंडर के अनुसार बहुत महत्व है. इसी दिन सूर्य उत्तरी गोलार्ध में प्रवेश करते हैं.

Updated: January 10, 2022 12:14 PM IST

By Digpal Singh

Surya Namaskar: योग के बाद अब सूर्य नमस्कार भी होगा ग्लोबल, मकर संक्रांति पर 75 लाख लोग करेंगे सूर्य नमस्कार

Surya Namaskar: योग रखे शरीर को निरोग… ये कथन तो आपने सुना ही होगा. शायद यही कारण है कि दुनिया ने योग को अपनाया और पूरी दुनिया में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) के रूप में मनाया जाता है. दुनियाभर के लोगों ने योग को अपने जीवन में उतार लिया है और निरोग होने का मंत्र भी सीख लिया है. सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) भी एक तरह का योग आसन ही है. इसमें शरीर के 10 अंग एक के बाद एक काम में आते हैं और 12 चरणों में 8 तरह के आसन मिलकर एक सूर्य नमस्कार को पूरा करते हैं. कुल मिलाकर सूर्य नमस्कार शरीर के हर अंग की सेहत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण योग आसान है. योग के बाद अब भारत सरकार ने सूर्य नमस्कार को ग्लोबल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं.

Also Read:

दरअसल आयुष मंत्रालय (Ministry of AYUSH) वैश्विक स्तर पर 75 लाख लोगों के लिए एक ग्लोबल सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहा है. इस कार्यक्रम को शुक्रवार 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है. मकर संक्रांति का हिंदू कैलेंडर के अनुसार बहुत महत्व है. इसी दिन सूर्य उत्तरी गोलार्ध में प्रवेश करते हैं. इसी के साथ उत्तरी गोलार्ध में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगती है. सर्द ऋतु सिमटने के साथ ही मौसम सुहावना हो जाता है. पेड़ों पर नई कोपलें फूटने लगती हैं, बागों में फूल खिलने लगते हैं. यानी प्रकृति श्रंगार करके सूर्य भगवान का उत्तरी गोलार्ध में आने पर जोरदार स्वागत करती है.

जब प्रकृति इतनी तैयारी कर रही हो, इतनी खुशी और खुशहाली प्रकृति में बिखरी हो तो इंसान का खुश होना भी लाजमी है. इस अवसर को खुशी के साथ ही स्वास्थ्य और धन प्रदान करने के लिए प्रकृति को धन्यवाद देने के रूप में भी मनाया जाता है. लंबी सर्दियों के बाद एक बार फिर हमारी धरती पर सूर्य की किरणें सीधे पड़नी शुरू होती हैं, इसलिए सूर्य की प्रत्येक किरण के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है. भगवान सूर्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए सूर्य नमस्कार से बेहतर क्या हो सकता है. इस दिन खासतौर पर सूर्य नमस्कार की पेशकश की जाती है, क्योंकि सूर्य ही हैं जो समस्त जीवित प्राणियों में पोषण और जीवन का संचार करते हैं.

14 जनवरी को सामूहिक सूर्य नमस्कार का बेहद खास उद्देश्य भी है. इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग का संदेश भी दिया जाएगा. मकर संक्रांति अवसर पर आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम हमारी भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के महत्व को भी दर्शाता है.

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें धर्म की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

Published Date: January 10, 2022 12:13 PM IST

Updated Date: January 10, 2022 12:14 PM IST