Mangalwar Ke Upay: पैसों की तंगी से हैं परेशान? किस्मत चमका सकता है आटे-गुड़ का एक भोग! बजरंगबली को भोग लगाते समय न भूलें ये 4 अनिवार्य नियम

Written By: Neha Awasthi Updated by: Neha Awasthi
Published Date:June 2, 2026 12:16 PM IST

Mangalwar Astro Tips: क्या कड़ी मेहनत के बाद भी घर में नहीं टिकता पैसा? बढ़ती जा रही है तंगहाली? मंगलदोष से हैं परेशान? आज पांचवे बड़े मंगलवार की शाम संकटमोचन हनुमान जी की शरण में जाएं. बजरंगबली को खुश करने के लिए लगाएं उनका सबसे प्रिय 'आटे और गुड़ का चूरमा'. लेकिन याद रहे, इस दिव्य भोग का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब आप शास्त्रों में बताए गए इन 4 अनिवार्य नियमों का पालन करेंगे.

Hanuman Ji Bhog: कई बार दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद भी घर में बरकत नहीं होती. पैसा आता तो है, लेकिन बीमारी, कर्ज या अनचाहे खर्चों में पानी की तरह बह जाता है. सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में इस तरह की आर्थिक तंगहाली का कारण कुंडली के दोष या घर की नकारात्मक ऊर्जा को माना गया है. यदि आप भी ऐसे ही संकट से घिरे हैं, तो कलियुग के जागृत देवता हनुमान जी की शरण से बड़ा कोई उपाय नहीं है.

Advertising
Advertising

बजरंगबली को प्रसन्न करने का सबसे अचूक और प्रिय माध्यम है आटे और गुड़ का शुद्ध चूरमा. मान्यता है कि यदि सही नियमों के साथ संकटमोचन को यह दिव्य भोग लगाया जाए, तो जीवन से कंगाली कोसों दूर भाग जाती है लेकिन इस उपाय का पूरा फल तभी मिलता है जब पूजा में शास्त्रों के नियमों का पालन किया जाए.

आइए जानते हैं आज शाम बजरंगबली को चूरमे का भोग लगाते समय आपको किन 4 अनिवार्य नियमों का ध्यान रखना है.

तुलसी दल के बिना अधूरा है भोग

हनुमान जी प्रभु श्री राम के परम भक्त हैं. शास्त्रों में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि बजरंगबली को चढ़ाया जाने वाला कोई भी नैवेद्य (भोग) तब तक पूर्ण नहीं माना जाता, जब तक कि उसमें तुलसी का पत्ता (तुलसी दल) न रखा जाए. तुलसी दल रखने के बाद ही हनुमान जी उस भोग को सहर्ष स्वीकार करते हैं, इसलिए चूरमे के ऊपर तुलसी का पत्ता रखना कभी न भूलें.

प्रदोष काल है सबसे अचूक

आर्थिक संकट के निवारण और कर्ज मुक्ति के लिए हनुमान जी की पूजा का सबसे उत्तम समय सूर्यास्त के ठीक बाद यानी प्रदोष काल माना गया है. मान्यता है कि शाम के समय हनुमान जी अपने भक्तों की पुकार सबसे जल्दी सुनते हैं. आज शाम को स्वच्छ वस्त्र धारण कर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और फिर इस दिव्य चूरमे का भोग अर्पण करें.

ग्रहों का दिव्य संयोग और सात्विकता

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुड़ और गेहूं (आटा) का संबंध सीधे सूर्य और मंगल ग्रह से है. जब इन दोनों को शुद्ध देसी घी के साथ मिलाकर हनुमान जी को चढ़ाया जाता है, तो कुंडली में मंगल और सूर्य मजबूत होते हैं, जिससे मान-सम्मान बढ़ता है और धन आगमन के रास्ते खुलते हैं. ध्यान रहे, जिस दिन यह उपाय करें, उस दिन घर में पूरी तरह सात्विक माहौल हो और भूलकर भी तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन या मांस-मदिरा) का प्रयोग न हो.

ऋणमोचक प्रार्थना और मंत्र जप

सिर्फ भोग लगा देना काफी नहीं है, भोग लगाने के बाद हनुमान जी के सामने बैठकर कम से कम 3 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें या "ॐ हं हनुमते नमः" मंत्र का जप करें. इसके बाद बजरंगबली से अपने घर की दरिद्रता और कंगाली को दूर करने की सच्चे मन से प्रार्थना करें. आपकी बंद किस्मत के ताले जल्द ही खुल जाएंगे.

पूजा संपन्न होने के बाद इस दिव्य चूरमे के प्रसाद को सबसे पहले अपने परिवार के सदस्यों में बांटें और स्वयं भी ग्रहण करें. यदि संभव हो, तो इस प्रसाद का कुछ हिस्सा किसी जरूरतमंद या गाय या वानर को जरूर खिलाएं. ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें