Basant Panchami 2019: सर्दी के बीच बसंत के आगाज के साथ ही ब्रजभूमि में रंगोत्‍सव शुरू होने जा रहा है, जो कि अगले 40 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाएगा. वसंत पंचमी पर 10 फरवरी को बरसाना के लाडलीजी मंदिर में होली का ढांडा गड़ने के साथ ही अबीर-गुलाल की पहली बौछार पड़ेगी. साथ ही समाज गायन और लोकतानों की गूंज भी सुनाई देने लगेगी. मंदिरों में चलने वाले होली उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं. उधर, मूर्तिकारों ने भी होलिका की प्रतिमाएं बनाने का काम शुरू कर दिया है.

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बता दें कि पूरी दुनिया में होली का त्‍योहार भले ही दो दिन का है, लेकिन ब्रज में वसंत पंचमी से इसकी शुरुआत हो जाती है. मंदिरों के साथ-साथ लोक कलाकार भी होली की तैयारियों में जुट गए हैं. मंदिरों में अबीर-गुलाल, टेसू के फूल और ठाकुरजी की विशेष पोशाकें तैयार हो रही हैं. हालांकि इस बार वसंत पंचमी पर भी सर्दी के असर दिखाने की संभावना है, लेकिन होली की तैयारियों में कहीं कोई कमी नजर नहीं आ रही है. बरसाना के लाडलीजी मंदिर में वसंत पंचमी से शुरू होने वाले समाज गायन से होली की धूम शुरू होगी, जो 23 मार्च को ग्राम गिडोह के हुरंगे के साथ संपन्न होगी. ब्रज में होलिका की प्रतिमा के दहन करने की भी पंरपरा है, जिसे देखते हुए होलिका की प्रतिमाएं बनाने का सिलसिला भी शुरू हो गया है.

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15 को बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होलीराधाकृष्ण के चरणों में गुलाल अर्पित कर मंदिर परिसर में भक्ति काल रसिक कवियों के द्वारा लिखित होली के पदों का गायन शुरू होगा. इस दिन से ही लाड़लीजी महल से सब जग होरी ब्रज होरा की कहावत चरितार्थ होने लगेगी. 14 मार्च को बरसाना की लड्डू होली व 15 को बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठामार होली होगी. 16 मार्च को इसी के प्रतिरूप नंदगांव की लठामार होली होगी. इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की अगुआई में तैयारियां जोरों पर हैं.

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लाडली जी के आंगन से उठेगी होली की उमंग
वसंत पंचमी को श्रीजी के धाम बरसाना में राधाकृष्ण के चरणों में गुलाल अर्पित कर 40 दिवसीय होली का ढांडा गाड़ा जाएगा. मंदिर को वासंती परिधानों से सजाकर राधाकृष्ण के विग्रह को वसंती फूल बंगले में विराजमान किया जाएगा. उमंग उत्साह से प्रफुल्लित कर देने वाले माघ माह की वसंत पंचमी यूं तो देवी सरस्वती का अवतरण दिवस होने के साथ ही ब्रज मंडल में होली की उमंग लेकर आती है.

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