Basant Panchami 2020: बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन मां सरस्‍वती की पूजा की जाती है. इस दिन वे प्रकट हुई थीं. विद्या की देवी के पूजन के इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है. किसी भी तरह के शुभ कार्य के लिए इस दिन का पांचांग तक नहीं देखा जाता. इस दिन कोई भी नया काम करना शुभ माना गया है. विवाह आदि कार्य भी किए जाते हैं.

बसंत पंचमी 2020

इस बार बसंत पंचमी पर सिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग जैसे दो शुभ मुहूर्त का संयोग बन रहा है. इसलिए इस दिन कोई भी नया काम करना बेहद शुभ होगा.

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इस बार की पंचमी इसलिए भी खास है क्‍योंकि इस दिन बृहस्पति, मंगल और शनि स्वयं की राशि में रहेंगे. यानी स्वग्रही संयोग में बसंत पंचमी मनेगी. पंडितों के अनुसार, इस बार बसंत पचंमी के दिन मंगल वृश्चिक में, बृहस्पति धनु में और शनि मकर राशि में रहेंगे. विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए ये स्थिति बहुत ही शुभ मानी जाती है.

गौरतलब है कि इस साल 29 जनवरी, बुधवार को पंचमी तिथि सुबह 10.46 से शुरू होगी, जो गुरूवार दोपहर 1.20 बजे तक रहेगी.

बसंत उत्‍सव

बसंत पंचमी यानी माघ शुक्ल पंचमी को बुद्धि की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन मां सरस्वती और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. सफेद और पीले फूल चढ़ाए जाते हैं.

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सरस्‍वती पूजा विधि

1. सुबह नहाकर मां सरस्वती को पीले फूल अर्पित करें.
2. पूजा के समय मां सरस्वती की वंदना करें.
3. पूजा स्थान पर वाद्य यंत्र और किताबें रखें, और बच्चों को पूजा में शामिल करें.
4. इस दिन पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. पूजा के वक्त या फिर पूरे दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करें.
5. बच्चों को पुस्तकें तोहफे में दें.
6. पीले चावल या पीले रंग का भोजन करें.

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