Basant Panchmi पर सरस्‍वती पूजा की जाती है, पर क्‍या आप जानते हैं कि इस दिन रति-कामदेव की पूजा का भी विधान है.

दरअसल बसंत के आगमन पर ये होता है. चूंकि इस दिन से मौसम सुहाना हो जाता है, इसलिए कुछ लोग कामदेव की पूजा करते हैं.

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ये भी कहा जाता है कि शिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह से पहले इसी दिन भगवान शिव का तिलक हुआ था.

क्‍यों होती है कामदेव पूजा
शास्‍त्रों में कामदेव को प्रेम का देव माना गया है. पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार, बसंत को कामदेव का मित्र कहा जाता है. कामदेव का धनुष भी पीला और फूलों से बना दिखाया जाता है. बसंत ऋतु को प्रेम की ऋतु माना जाता है. इसमें फूलों के बाणों को खाकर दिल प्रेम से सराबोर हो जाता है. इन कारणों से बसंत पंचमी के दिन कामदेव और उनकी पत्‍नी रति की पूजा की जाती है.

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क्‍या मिलता है
कहा जाता है कि इस दिन वैवाहिक दंपत्ति को ये पूजन करना चाहिए. रति-कामदेव की उपासना पारिवारिक सुख-समृद्धि देती है.

Basant Panchami Date
इस साल ये तिथि 10 फरवरी को पड़ रही है.

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क्‍यों की जाती है सरस्‍वती पूजा
ऐसी मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती पृथ्वी पर प्रकट हुईं थीं. उन्हीं के जन्म के उत्सव पर बसंत पचंमी का त्योहार मनाया जाता है, सरस्वती देवी की पूजा की जाती है.

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