Basant Panchmi पर कामदेव की पूजा की जाती है. दरअसल बसंत के आगमन पर कामदेव की पूजा का विधान है. पर ये पूजा क्‍यों की जाती है? और दंपत्ति के लिए इस पूजा का क्‍या महत्‍व है?

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क्‍यों की जाती है पूजा
शास्‍त्रों में कामदेव को प्रेम का देव माना गया है. पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार, बसंत को कामदेव का मित्र कहा जाता है. कामदेव का धनुष भी पीला और फूलों से बना दिखाया जाता है.

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बसंत ऋतु को प्रेम की ऋतु माना जाता है. इसमें फूलों के बाणों को खाकर दिल प्रेम से सराबोर हो जाता है. इन कारणों से बसंत पंचमी के दिन कामदेव और उनकी पत्‍नी रति की पूजा की जाती है.

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बसंत और प्रेम
बसंत को प्राकृतिक सौंदर्य, प्रेम और नवसृजन के पर्व पर मनाया जाता रहा है. बसंत का अर्थ है हर्षोल्लास. कहा जाता है कि इस दिन वैवाहिक दंपत्ति को ये पूजन करना चाहिए. रति-कामदेव की उपासना पारिवारिक सुख-समृद्धि देती है.

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