Basant Panchmi 2026: हिंदू ही नहीं बल्कि मुस्लिम, सिख और ईसाई भी मनाते हैं बसंत पंचमी! जानिए इस पर्व से जुड़ी परंपरा

Basant Panchmi 2026: आज यानि 23 जनवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है और हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व माना गया है. इस दिन मां सरस्वती का पूजन किया जाता है.

Published date india.com Published: January 23, 2026 10:57 AM IST
Basant Panchmi 2026: हिंदू ही नहीं बल्कि मुस्लिम, सिख और ईसाई भी मनाते हैं बसंत पंचमी! जानिए इस पर्व से जुड़ी परंपरा

Basant Panchmi 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है और इस दिन बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है. बसंत पंचमी का त्योहार बसंत ऋतु के आगमन की खुशी और मां सरस्वती के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी दिन सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने अपने मुख से देवी सरस्वती को प्रकट किया था. देवी सरस्वती को ज्ञान, विद्या, बुद्धि, वाणी और संगीत की देवी कहा जाता है. हिंदू धर्म में बसंत पंचमी का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बसंत पंचमी केवल हिंदुओं के लिए ही नहीं, बल्कि मुस्लिम, ईसाई और सिख समुदाय के लिए भी खास महत्व रखता है और अन्य धर्मों के लोग भी इसे मनाते हैं? आइए जानते हैं बसंत पंचमी व अन्य धर्मों से इसका संबंध.

मुस्लिम समुदाय में बसंत पंचमी का महत्व

इतिहासकारों का कहना है कि दिल्ली सल्तनत और मुगल काम में बसंत पंचमी त्योहार एक बहुत भी भव्य दरबारी उत्सव हुआ करता था और इसे बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता था. इसका प्रमाण अमीर खुसरो की कविताओं और हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर मिलता है.

इ​तिहासकारों के अनुसार अमीर खुसरो ने बसंत पंचमी पर पीले कपड़े पहनकर कई गीत लिखे हैं जिनमे ‘आओ बसंत बहार, पीत पहिरो हो यार’ काफी लोकप्रिय है. वहीं आज भी निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर बसंत पंचमी के दिन पीले फूल चढ़ाने की परंपरा है. इसके अलावा यह भी कहा जाता हे कि मुगल बादशाह जहांगीर और शाहजहां के समय में बसंत पंचमी को स्प्रींग फेस्टिवल के तौर पर मनाया जाता था.

सिख समुदाय में बसंत पंचमी का महत्व

​सिख समुदाय में भी बसंत पंचमी का खास महत्व माना गया है और इस दिन अमृतसर के हरमंदिर साहिब में बसंत राग कीर्तन का आयोजन होता है. अमृतसर के कई गुरुद्वारों में बसंत पंचमी के दिन मेला लगता है और अमृतसर के नजदीक वडाली स्थित छेहरता साहिब गुरुद्वारे में बसंत पंचमी के दिन पतंगबाजी की जाती है.

ईसाई समुदाय में बसंत पंचमी का महत्व

हिंदू, मुस्लिम और सिख समुदाय के अलावा ईसाई समुदाय में भी बसंत पंचमी का खास महत्व माना गया है. ईसाई समुदाय के लोग बसंत पंचमी की शुरुआत के साथ ईसाई ईस्टर मनाते है जो कि यीशु के पुनरुथान को समर्पित पर्व है. बसंत पंचमी के दिन ईसाई धर्म के लोग अपनी प्रिय चीजों का त्याग करते हैं और मांसाहार व शराब का भी सेवन नहीं करते.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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