अक्‍सर ऐसा होता है कि आप कहीं जा रहे हों और अचानक बिल्‍ली रास्‍ता काट दे. चाहे आप इसे अशुभ मानते हों या नहीं, पर एक बार को आपके कदम रुक जाते हैं.

ऐसी स्थिति में लोग कई तरह के काम करते हैं. कोई थोड़ी देर रुक जाता है, कोई थूकता है, कोई किसी और के वहां से निकलने का इंतजार करता है. पर इस बात से हम इतना परेशान क्‍यों हो जाते हैं?

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धर्म में ऐसी कोई बात नहीं कही गई है कि बिल्‍ली का रास्‍ता काटना शुभ है या अशुभ. दरअसल ये हमारी मान्‍यताओं से जुड़ी बात है. प्राचीन समय से ये माना जाता रहा है कि बिल्‍ली और उससे जुड़ी चीजें शुभ नहीं होतीं.

हालांकि बिल्‍ली को राहु ग्रह की सवारी बताया गया है. चूंकि राहु ग्रह को अच्‍छा फल देने वाला ग्रह नहीं माना जाता, इसलिए लोग समझते हैं कि बिल्‍ली का आना शुभ संकेत नहीं होता.

मान्यताओं के अनुसार, बिल्ली घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा लाती है. जबकि इसके उलट विदेशों में बिल्‍ली को खूब पाला जाता है.

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हमारे समाज में ये मान्‍यता भी है कि अगर बिल्ली बाईं से दाईं ओर जाए तो ये अशुभ संकेत होता है. पर बिल्‍ली दाईं से बाईं ओर जाए तो ये शुभ होता है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस तरह की मान्‍यताएं केवल भारत में नही हैं. अमेरिका में भी कई जगह ऐसा ही माना जाता है. यहां लोग सोचते हैं कि बिल्लियां दुर्भाग्य लाती हैं.

हालांकि ब्रिटेन व आयरलैंड में काली बिल्ली को शुभ माना जाता है. जर्मनी में भी बिल्लियों का बाईं से दाईं ओर रास्ता काटना अच्छा मानते हैं.

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