बुद्ध पूर्णिमा 2020: बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म में आस्था रखने वालों का एक प्रमुख त्यौहार है. यह वैशाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है. बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ था. 563 ई.पू. वैशाख मास की पूर्णिमा को बुद्ध का जन्म लुंबिनी, शाक्य राज्य (आज का नेपाल) में हुआ था.Also Read - Guru Purnima 2020: गुरु पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है चंद्रग्रहण, जानें किस तरह पड़ेगा इसका असर

इस पूर्णिमा के दिन ही 483 ई. पू. में 80 वर्ष की आयु में, कुशीनगर में उन्होने निर्वाण प्राप्त किया था. वर्तमान समय में कुशीनगर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद का एक कस्बा है. कुशीनगर के इतिहास में कुशनारा नाम से उल्लेख मिलता है. इस वर्ष 2020 में बुद्ध पूर्णिमा 7 मई को है. विश्व के प्रसिद्द धर्म सुधारकों एवं दार्शनिकों में अग्रणी महात्मा बुद्ध ने अपनी शिक्षाओं के आधार पर बौद्ध धर्म की स्थापना की. आज Buddhism विश्व के प्रमुख धर्मों में से एक है और चीन, जापान, श्रीलंका समेत 10 से अधिक देशों में माना जाता है. महात्‍मा बुद्ध ने अपने जीवन में ऐसे उपदेश दिए, जो बौद्ध धर्म के आदर्श बन गए. Also Read - Guru Purnima 2020 Quotes : गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुओं को भेजें ये SMS, मैसेज और कोट्स

यहां पढ़िए महात्‍मा बुद्ध की कुछ सबसे प्रमुख प्रेरणादायी उपदेश व कोट्स… Also Read - Guru Purnima 2020 Date&Timing: इस दिन मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

1. अतीत पे ध्यान मत दो, भविष्य के बारे में मत सोचो, अपने मन को वर्तमान क्षण पे केन्द्रित करो.
2. स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन है, वफ़ादारी सबसे बड़ा संबंध है.
3. जैसे मोमबत्ती बिना आग के नहीं जल सकती, मनुष्य भी आध्यात्मिक जीवन के बिना नहीं जी सकता.
4. हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शांति लाए.
5. एक जग बूँद-बूँद कर के भरता है.
6. किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से अधिक डरना चाहिए, जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुक्सान पहुंचा सकता है.
7. आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से ईर्ष्या कीजिये. जो दूसरों से ईर्ष्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती.
8. वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पचास संकट हैं, वो जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके एक भी संकट नहीं है.
9. क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं.
10. हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है. यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है. यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोड़ती.