Budh Dosh Ke Upay Do These Remedies On The Day Of Wednesday To Get Relief Budh Dosh And The Path Of Progress Will Open
कुंडली में है बुध दोष तो बुधवार के दिन करें ये उपाय...संवर जाएगा बिगड़ी किस्मत का खेल, खुलेंगे तरक्की के रास्ते
Budh Dosh Upay: कुंडली में बुध दोष की वजह से सफलता में बाधा उत्पन्न होती है और बनते काम बिगड़ने लगते हैं. ऐसे में ज्योतिष शास्त्र में बताए गए कुछ उपाय बेहद ही लाभकारी साबित होंगे.
Budh Dosh Upay: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में मौजूद ग्रहों की शुभ व अशुभ दशा व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है. यदि कुंडली में कोई ग्रह अशुभ स्थिति में है तो कई बार चाहकर भी परेशानियां खत्म नहीं होती. हर ग्रह का अपना महत्व होता है और बुध ग्रह को बुद्धि, तरक्की, सुख-समृद्धि व खुशहाली का कारक माना जाता है. अगर बुध ग्रह कमजोर है या कुंडली में बुध दोष है तो तरक्की के रास्ते रूक जाते जाते हैं और बनते काम बिगड़ने लगते हैं. ज्योतिष शास्त्र में बुध दोष से छुटकारा पाने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं जिन्हें बुधवार के दिन अपनाने से विशेष लाभ मिलता है. अगर किसी की कुंडली में बुध कमजोर है, तो वे भी इस दिन कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं.
बुध दोष से छुटकारा दिलाएंगे ये उपाय
धर्म पुराणों और ज्योतिष के अनुसार, बुधवार का दिन मुख्य रूप से भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित है, जो बुद्धि, व्यापार और संचार के देवता माने जाते हैं. मान्यता है कि इस दिन गणेश जी का पूजन करना शुभ होता है. इसके अलावा बुधवार के दिन मूंग दाल का दान करना चाहिए. साथ ही हरे वस्त्र पहनना और वाणी पर नियंत्रण रखना भी बुध दोष के प्रभाव को कम करने में मदद करता है. जिनकी कुंडली में बुध दोष है, उन्हें पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यह दिन नई शुरुआत, पढ़ाई और व्यापारिक सौदों के लिए शुभ होता है, जिससे सौभाग्य और समृद्धि मिलती है.
बुधवार के दिन ऐसे करें गणेश जी का पूजन
बुधवार का दिन गणेश जी को समर्पित होता है और इस दिन जातक को विधि-विधान से उनका पूजन करना चाहिए. बुधवार के दिन जातक ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म स्नान आदि करके मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें और फिर ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) की ओर मुख करके आसन पर बैठें.
इसके बाद भगवान गणेश को दूर्वा और पीले रंगे पुष्प अर्पित करें, साथ ही बुध देव को हरे रंग के वस्त्र चढ़ाएं. पूजा के दौरान गणेश जी और बुध देव का ध्यान करते हुए ‘ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा’ मंत्र का जाप करें. पूजा के बाद व्रत कथा पढ़ें और गणेश जी की आरती करें. फिर गणपति को हलवा का भोग लगाएं और पूजा समाप्त होने पर भोग को प्रसाद के रूप में सभी में बांट दें.
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