Chaitra Navratri 2020 6th day: चैत्र नवरात्रि के 6वें दिन मां दुर्गा के छठे स्वरुप मां कात्यायिनी की पूजा की जाती है. इन्हें गौरी, उमा, हेमावती और इस्वरी नाम से भी जाना जाता है. Also Read - Ram Navami 2020 Wishes In Hindi: राम नवमी पर हिंदी में भेजें ये शुभकामना संदेश

मां कात्यायिनी का स्वरूप

सभी नौ देवियों में मां कात्यायिनी को सबसे फलदायिनी माना जाता है. इनकी पूजा से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है. Also Read - Happy Ram Navami 2020 Wishes: राम नवमी पर भेजें ये SMS, WhatsApp Messages

ऐसे करें पूजा

जब सूर्यास्त हो रहा हो, यानी प्रदोष काल के समय इनकी पूजा करनी चाहिए. पीले फूल और पीली मिठाई का भोग लगाएं. शहद अर्पित करें. इसके बाद मंत्र का जप करें. Also Read - Chaitra Navratri 2020 8th Day: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी आज, लॉकडाउन में ऐसे करें कन्या पूजन, शुभ मुहूर्त

मां कात्यायिनी का मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

नवरात्रि में तन और मन से निर्मल रहें और विचारों में शुद्धता रखनी चाहिए. फलाहार करते हुए व्रत करना होता है.

क्‍या है चैत्र नवरात्र‍ि का महत्‍व

चैत्र नवरात्र‍ि में इस बार कई शुभ योग बन रहे हैं. 4 सर्वाथ सिद्धि योग, 5 रवि योग, एक द्व‍िपुष्‍कर योग और एक गुरु पुष्‍य योग बनेगा. पुराणों के अनुसार चैत्र नवरात्र‍ि के पहले द‍िन इसी द‍िन मां दुर्गा का जन्‍म हुआ था और उनके कहने पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्‍ट‍ि का न‍िर्माण क‍िया था. 9 ग्रह, 27 नक्षत्रों और 12 राश‍ियों का उदय भी इसी द‍िन का माना जाता है. भगवान विष्णु का भगवान राम के रूप में अवतार भी चैत्र नवरात्र‍ि में ही हुआ था.