Chaitra Navratri 2020 Durga Ashtami: चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन को महाष्टमी कहा जाता है. इस दिन कन्या पूजन किया जाता है. मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप का पूजन किया जाता है. Also Read - Ram Navami 2020 Wishes In Hindi: राम नवमी पर हिंदी में भेजें ये शुभकामना संदेश

हर साल ये पर्व काफी धूमधाम से मनाया जाता है. लेकिन इस साल कोरोनावायरस के कारण देश भर में लॉकडाउन है. नवरात्रि में दुर्गाष्टमी पर कन्या पूजन को लेकर लोग असमंजस में हैं. Also Read - Happy Ram Navami 2020 Wishes: राम नवमी पर भेजें ये SMS, WhatsApp Messages

चूंकि देश इस समय कोरोनावायरस के खतरे में है, ऐसे में कन्या पूजन करना काफी जोखिम भरा हो सकता है. ऐसे में आपको शास्त्रों में सुझाए उपायों के अनुसार इस बार दुर्गा पूजन करना चाहिए. Also Read - Ram Navami 2020: लॉकडाउन से राम नवमी पर अयोध्या बंद, क्या ऑनलाइन होंगे रामलला के दर्शन?

कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

अमृत काल- 9 बजे से 10 बजकर 50 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 2: 32 से 3:22 तक

अशुभ राहुकाल- दोपहर 12:27 से 2 बजे तक

कैसे करें कन्या पूजन

 

घर की छोटी कन्याओं का पूजन करें. 7 या 9 कन्या तलाशने ना निकलें. ना ही अपने बच्चों को बाहर भेजें. घर में जो छोटी बच्ची है उसी को माता का स्वरूप समझकर पूजन कर लें. बाकी कन्याओं को जो देना है, उसका संकल्प लें. हालत सुधरने पर उन्हें वो चीजें भिजवा दें.
अगर घर में छोटी बच्ची नहीं है, तो प्रसाद बनाएं और मां दुर्गा को भोग लगाकर उसे परिवार संग बांट दें. हर बार जो खर्च आप अष्टमी पर करते रहे हैं उनसे गरीब कन्याओं या गरीबों की मदद कर दीजिएगा. इस कार्य से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं.

मां महागौरी का पूजन

देवी का अष्टम स्वरुप महागौरी का है. इसे श्री दुर्गाष्टमी भी कहा जाता है. भगवती का सुंदर, सौम्य, मोहक स्वरुप महागौरी में विद्यमान है. माता सिंह की पीठ पर सवार हैं. मस्तक पर चंद्र का मुकट होता है और चार भुजाओं में शंख, चक्र,धनुष और बाण होता है. चौकी पर श्वेत रेशमी वस्त्र बिछाकर माता की प्रतिमा या चित्र रखें. घी का दीपक जलाकर चित्र पर नैवेद्य अर्पित करें. इसके बाद दूध से बना प्रसाद चढ़ाएं.

मंत्र- ओम् ऐं हृीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै! ओम् महागौरी देव्यै नमः!!

इस मंत्र की एक या 11 माला का जाप करें. अपनी मनोकामना अभिव्यक्त करें. अष्टमी पर मनोकामना अवश्य पूर्ण होगी.