गोपश्वर। 27 जुलाई को लगने वाले चंद्रग्रहण को लेकर कई नियमों का पालन किया जा रहा है. ये इस सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण होगा. बद्रीनाथ और केदारनाथ मन्दिर के कपाट शुक्रवार दोपहर से शनिवार सुबह तक बंद रहेंगे. ऐसा चंद्रग्रहण के कारण हो रहा है. चंद्रग्रहण की अवधि में मंदिर में पूजा पाठ भी नहीं होगा.

दिन में 2 बजकर 54 मिनट पर बंद हो जाएंगे कपाट

श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पीआरओ डॉ. हरीश गौड़ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि चंद्रग्रहण के सूतक काल से पहले 27 जुलाई को श्री बद्रीनाथ मंदिर के कपाट दिन में 12 बजकर 30 मिनट और श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट दिन में 2 बजकर 54 मिनट पर बंद हो जाएंगे. दूसरे दिन सुबह ग्रहण समाप्त होने के बाद नियमित पूजा अर्चना के लिए उन्हें फिर से खोल दिए जाएंगे.

27 जुलाई की आधी रात को इस सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण, ऐसे देख सकेंगे लाइव

चंद्रग्रहण का आरंभ रात्रि 11 बजकर 54 मिनट पर हो रहा है, ग्रहण काल 28 जुलाई सुबह 3 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, 28 जुलाई को श्री बद्रीनाथ मंदिर और श्री केदारनाथ मंदिर सुबह अपने निर्धारित समय पर दर्शनार्थ खुलेंगे.

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण

बता दें कि 27 जुलाई की करीब आधी रात को पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा जिसके इस सदी के सबसे लंबा चंद्रग्रहण होने की संभावना है. इस बार चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया के मध्य में आ जाएगा और इससे यह जून 2011 के बाद पहला मध्य चंद्र ग्रहण होगा.

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यह ऐसे वक्त हो रहा है जब चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर है और यह इस सदी का का ससबे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण होगा. यह अपने आप में एक घंटे 43 मिनट का होगा. यह चंद्रग्रहण अफ्रीका , मध्य एशिया , दक्षिण अमेरिका , यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में नजर आएगा.