Chandra Grahan 2026: इस दिन लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में दिखेगा या नहीं?

Chandra Grahan 2026: साल 2026 में कुल चार ग्रहण पड़ने वाले हैं जिसमें दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण हैं. साल का पहला चंद्र ग्रहण जल्द ही लगने जा रहा है.

Published date india.com Published: January 9, 2026 5:30 PM IST
Chandra Grahan 2026: इस दिन लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में दिखेगा या नहीं?

Chandra Grahan 2026: ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है और पूरी दुनिया की नजर ग्रहण पर होती हैं. धार्मिक दृष्टिकोण से भी ग्रहण का खास महत्व होता है और इसका प्रभाव देश-दुनिया व राशियों पर पड़ता है. इस साल कुल चार ग्रहण लगने जा रहे हैं जिसमें दो सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण शामिल हैं. बता दें कि इस साल सबसे पहले चंद्र ग्रहण लगेगा और हिंदू धर्म में ग्रहण को एक अशुभ घटना माना जाता है. चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य व पूजा-पाठ आदि नहीं किए जाते. आइए जानते हैं कब लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण और भारत में दिखेगा या नहीं?

चंद्र ग्रहण 2026 में कब लगेगा?

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मार्च 2026 को लगने जा रहा है. यह ग्रहण दोपहर 2 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा. बता दें कि इस साल होली का पर्व भी 3 मार्च को मनाया जाएगा और ऐसे में होली पर ग्रहण की छाया रहेगी.

भारत में चंद्र ग्रहण दिखेगा या नहीं?

चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगने जा रहा है और सबसे महत्वपूर्ण बात है कि यह ग्रहण भारत में भी नजर आएगा. भारत के कई शहरों में इस ग्रहण को देखा जा सकेगा. जिसमें पूर्वी तट के राज्य अरुणाचल प्रदेश, असम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम शामिल हैं. इसके अलावा कोलकाता, गुवाहाटी, ईटानगर और आइजोल जैसे शहरों में भी चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा दिखाई देगा. लेकिन दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, लखनऊ, और जयपुर जैसे शहरों में चंद्र ग्रहण केवल आंशिक रूप में नजर आएगा.

भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं?

हिंदू धर्म में ग्रहण के दौरान सूतका का खास महत्व माना गया है और सूतक काल ग्रहण से कुछ घंटे पहले लगता है. सूतक काल की बात करें तो यह सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले और चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले लगता है. सूतक काल केवल वहीं मान्य होता है जहां ग्रहण नजर आए. साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा और भारत के कई शहरों में नजर आएगा. ऐसे में सूतक काल भी मान्य होगा जो कि ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा.

सूतक काल के नियम

चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है और ग्रहण समाप्त होने के बाद खत्म होता है. सूतक काल से लेकर ग्रहण समाप्त होने तक पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान नहीं किए जाते. इस दौरान मंदिर के कपाट बंद होते हैं और भोजन भी ग्रहण नहीं किया जाता. सूतक काल से ग्रहण तक सोना भी वर्जित माना गया है. इस दौरान मन ही मन भगवान का जाप किया जाता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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