Char Dham Yatra Guidelines: उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी. श्रद्धालुओं को चारधाम की यात्रा करने के लिए रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ई पास की भी जरूरत होगी. इसके साथ-साथ या तो वैक्सीन की दोनों खुराक या फिर कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट भी अनिवार्य किया गया है. सरकार की तरफ से जारी SOP (Char Dham Yatra 2021) के मुताबिक कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट भी 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए.Also Read - PM Modi to Address Nation: आज सुबह 10 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे पीएम नरेंद्र मोदी

एक दिन पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम दैनिक संख्या पर लगी पाबंदी हटा दी थी. इसका मतलब यह हुआ कि चारधाम यात्रा पर जाने के लिए संख्या की कोई सीमा नहीं होगी. मुख्य न्यायाधीश आर एस चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ चारधामों में श्रद्धा​लुओं की अधिकतम संख्या पर लगी पाबंदी हटा दी. Also Read - ASI illuminates 100 Monuments: 100 करोड़ वैक्सीनेशन का जश्न, तिरंगे के रंग में डूबीं देश की ऐतिहासिक धरोहरें, देखें Pics

Also Read - 100 Crore Vaccination Milestone: तस्वीरों में देखें कैसे 100 करोड़ वैक्सीन का जश्न मना रहा देश

अदालत ने हांलांकि, अपने आदेश में कहा है कि चारधाम आने वाले प्रत्येक यात्री के पास कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट और टीकाकरण प्रमाणपत्र होना जरूरी होगा. इसके अलावा, चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में चारधाम यात्रा के ​दौरान जरूरत के हिसाब से पुलिस बल तैनात किया जाएगा. चमोली जिले में बदरीनाथ, रूद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ और उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर स्थित हैं.

इससे पहले, चारों धामों में दर्शन के लिए उच्च न्यायालय ने श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या निर्धारित की थी. बदरीनाथ के लिए श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन 1000, केदारनाथ के लिए 800, गंगोत्री के लिए 600 और यमुनोत्री के लिए 400 तय की गयी थी. यात्रियों की अधिकतम दैनिक संख्या निर्धारित करने के अलावा, उच्च न्यायालय ने धामों के आसपास स्थित किसी जलाशय या झरने में नहाने पर भी प्रतिबंध लगाया था. हालांकि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय में हलफनामा दायर करके अदालत से अपने पूर्व के आदेश में संशोधन करके चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढा़ने की प्रार्थना की थी.

(इनपुट: ANI,भाषा)