Chhath Puja 2019 में जो पंरपरा हर साल महिलाएं निभाती हैं, वो है सुबह का अर्घ्‍य देने के बाद पारण के समय लंबा सिंदूर लगाना. ये सिंदूर नाक से लगाया जाता है और फिर पूरी मांग इससे भरी जाती है.

हर साल महिलाएं छठ पूजा के बाद ये सिंदूर लगाती हैं. ये परंपरा उतनी ही पुरानी है जितना छठ पर्व. पर क्‍या आप जानते हैं कि इसका महत्‍व सुहाग से जुड़ा है.

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हालांकि छठ व्रत सुहाग और बच्‍चे, यानी परिवार की रक्षा, शुभेच्‍छा की कामना से किया जाता है. चूंकि सिंदूर को सुहाग की निशानी माना जाता है, शादी के समय भी वर, वधू की मांग में सिंदूर भरता है. इसलिए सिंदूर को सुहाग व सौभाग्य की निशानी माना जाता है.

जहां तक छठ पर्व की बात है तो इसमें लंबा सिंदूर लगाने के पीछे कई मान्यताएं हैं. एक मान्यता कहती है कि अगर स्त्री, मांग के सिंदूर को बालों में छिपाती है तो उसका पति समाज में छिप जाता है. यानी उसकी उन्नति के मार्ग बाधित होते हैं. पति का सम्मान कम होता है. इसलिए यह कहा जाता है कि सिंदूर लंबा हो. ऐसे लगाया जाए जिससे वो सभी को दिखे.

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एक अन्य मान्यता है कि जितना लंबा सिंदूर होता है, पति की उम्र भी उतनी ही लंबी होती है.

छठ पर्व
यह पर्व चार दिन का है. इसमें साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है. इस बार छठ का महापर्व 31 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 3 नवम्बर को समाप्त होगा.

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