Chhath Puja 2019 का पर्व आरंभ हो चुका है. इस महापर्व में महिलाएं व्रत रखती हैं और सूर्य उपासना करती हैं.

छठ में अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्‍य देना काफी अहम माना गया है. बिना अर्घ्‍य दिए छठ पर्व पूरा नहीं होता. हर साल लाखों की संख्‍या में व्रती सूर्य देवता को अर्घ्‍य देने घाटों पर पहुंचते हैं.

Happy Chhath Puja 2019 : छठ पूजा पर हिंदी में भेजें ये शुभकामना संदेश

क्‍यों दिया जाता है डूबते सूर्य को अर्घ्‍य
छठ में सूर्य को शाम में अर्घ्‍य दिया जाता है. इस बार ये अर्घ्‍य 1 नवंबर, शनिवार शाम को दिया जाएगा.

ऐसी मान्‍यता है कि उगते सूर्य के साथ डूबते सूर्य को अर्घ्‍य देना बेहद फलदायी होता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि शाम के वक्त सूर्य को अर्घ्य इसलिए फायदेमंद होता है क्योंकि इस समय सूर्य की पत्नी उनके साथ होती हैं, जिससे व्रत रखने वाली महिलाओं को इसका दोहरा लाभ होता है.

ऐसा भी माना जाता है कि शाम के वक्त सूर्य को अर्घ्य देने से बिना किसी विवाद के मुकदमे में फसें लोगों को इसका काफी फायदा होता है और मुकदमों से छुटकारा मिलता है.

इसके अलावा पाचन तंत्र से संबंधित समस्यों से भी छुटकारा मिलता है. इसी तरह वैज्ञानिक तर्क के मुताबिक इससे आंखों की चमक और रोशनी दोनों को लाभ होता है.

Chhath Puja 2019: छठ व्रत में जरूर पढ़ें व्रत कथा, मिलेगा दोगुना फल…

अस्‍ताचलगामी सूर्य अर्घ्‍य मुहूर्त-
तिथि: 2 नवंबर, शनिवार
समय: शाम 05:35 बजे.

धर्म से जुड़ी अन्य खबरें पढ़ने के लिए धर्म पर क्लिक करें.