नई दिल्ली:  हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है. हिंदू धर्म में छठ पूजा एक विशेष पर्व है. यूं तो छठ पूजा 18 नवंबर से शुरू हो चुकी है लेकिन आज यानी 20 नवंबर को छठ पर्व की मुख्य पूजा है. यह व्रत अत्यंत कठिन होता है. छठ के पर्व में महिलाएं और व्रती 36 घंटे लंबा व्रत करते हैं. शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय से छठ का पर्व की शुरुआत हो जाती है. छठ पूजा में छठी मैय्या को कई तरह के पकवान और फल चढ़ाए जाते हैं.  छठी मैय्या को तरह-तरह प्रसाद और फलों के भोग लगाए जाते हैं. ऐसे में अगर आप पहली बार छठ पूजा मनाने जा रही हैं तो आपको बता दें कि आपको छठी मैय्या को किन चीजों का भोग लगाना चाहिए जिससे वह आपसे प्रसन्न हो सकती हैं. आइए जानते हैं. Also Read - Chhath Puja 2020: उदीयमान सूर्य को अर्घ्यदान के साथ ही संपन्न हुआ चार दिनों का महापर्व छठ, ऐसा दिखा नजारा

डाभ- इसका आकार सामान्य नींबू से बपड़ा होता है. स्वाद में भी यह खट्टेपने के साथ मीठा भी होता है. इस  फल को शुद्ध माना जाता है. Also Read - Chhath Puja 2020: छठ पूजा का समापन आज, इस तरह से दें सूर्य को अर्घ्य, ये है पारण का समय

केला- केले के वृक्ष को बहुत ही पवित्र माना जाता है. इसलिए छठ में छठी मइया के केला भी चढ़ाया जाता है. कोई पक्षी उसे झूठा न करे इसलिए कच्चे केले को पहले ही घर पर लाकर पका लिया जाता है. उसके बाद उसे छठी मैय्या को चढ़ाया जाता है. Also Read - Chhath puja 2020: कोरोना पर आस्था भारी, छठव्रतियों ने कहा-छठी मैया होऊ ना सहाय...

नारियल- नारियल को शुद्ध फल माना जाता है क्योंकि इसकी सतह बहुत सख्त होने के साथ यह ऊंचाई पर लगता है, जिसकी वजह से पशु-पक्षी इसे झूठा नहीं कर पाते हैं. नारियल को मां लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है.

सुथनी फल- ये फल देखने और स्वाद में शकरकंदी की तरह लगता है. इस फल को बहुत ही शुद्ध माना जाता है, इसलिए छठी मैय्या की पूजा में यह फल अर्पित किया जाता है.

गन्ना- छठ पूजा में गन्ना चढ़ाने का भी बहुत महत्व माना जाता है. कई लोग गन्नों उनके हरे हिस्से समेत ऊपर की ओर से बांध कर घर की आकृति बनाते हैं, फिर उस जगह पर पूजा की जाती है.

सिंघाड़ा- यह फल तालाब में एक बेल में लगता है. खाने में इसका स्वाद मीठा रहता है. ऊपर से इसकी सतह बहुत सख्त होती है. जिसके कारण कीट आदि इसे झूठा नहीं कर पाते हैं. इसलिए इस फल को शुद्ध माना जाता है.