Chhath Puja 2024: कैसे किया जाता है खरना? छठ पूजा में इसी से होती है निर्जला व्रत की शुरुआत

Chhath Puja 2024: छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है और फिर दूसरे दिन खरना किया जाता है. जिसके बाद निर्जला व्रत की शुरुआत होती है.

Published date india.com Published: November 4, 2024 1:11 PM IST
Chhath Puja 2024: कैसे किया जाता है खरना? छठ पूजा में इसी से होती है निर्जला व्रत की शुरुआत

Chhath Puja 2024: छठ का महापर्व 4 दिनों तक चलता है और कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि के दिन छठ पर्व मनाया जाता है. इस साल छठ पूजा की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से हो रही है और इस दिन नहाय-खाय होता है. इसके बाद दूसरे दिन खरना होता है और फिर तीसरे दिन छठी मैया का पूजन किया जाता है. छठ पर्व में खरना के साथ ही निर्जला व्रत की शुरुआत होती है और इसलिए इसका विशेष महत्व माना गया है. इस दौरान व्रती स्वच्छता व पवित्रता का खास ध्यान रखते हैं और व्रत से जुड़े नियमों का पालन करते हैं. आइए जानते हैं खरना का महत्व और कैसे किया जाता है खरना?

खरना का महत्व

इस साल छठ महापर्व 7 नवंबर को मनाया जाएगा और ऐसे में खरना 5 नवंबर को है. छठ पूजा में खरना का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन व्रत करने वाली महिलाओं के लिए खाने व सोने के कुछ अलग नियम होते हैं. इस दिन मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ और चावल की खीर बनाई जाती है और फिर छठी मैया को इस खीर का भोग लगाया जाता है. इसके बाद प्रसाद के तौर पर इस खीर को ग्रहण किया जाता है. फिर सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक चलने वाले निर्जला व्रत की शुरुआत होती है. इस दौरान पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है. कहते हैं कि इस दिन छठी मैया अपने भक्तों के घर में प्रवेश करती हैं और उन्हें अपना आशीर्वाद देती हैं.

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कैसे किया जाता है खरना?

  • छठ पूजा में खरना का खास महत्व होता है और जो भी व्रत कर रहा है उसे खरना के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करना चाहिए.
  • इसके बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान सूर्य को अर्घ्य दें. फिर मिट्टी का नया चूल्हा बनाएं.
  • शाम के समय मिट्टी के चूल्हे पर साठी के चावल, गुड़ व दूध की खीर बनाई जाती है.
  • इस खीर को बनाकर सबसे पहले छठी मैया को भोग लगाएं. फिर व्रती इस खीर को प्रसाद के तौर पर ग्रहण करें.
  • इस खीर को ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है. यह व्रत चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद खोला जाता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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