Chhath Puja 2024: छठ महापर्व की शुरुआत 5 नवंबर 2024 को हुई थी और आज यानि 7 नवंबर को छठ पूजा का तीसरा दिन है. छठ पूजा में भगवान सूर्य देव और छठी माता का पूजन किया जाता है. तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और सूर्य देव की उपासना की जाती है. छठ महापर्व में महिलाएं अपने बच्चों पर परिवार की सखु-समृद्धि के लिए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं. इस व्रत को बहुत ही कठिन व फलदायी माना गया है. आइए जानते हैं आज तीसरे दिन किस समय डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा.
छठ पूजा का संध्या काल अर्घ्य आज यानि 7 नवंबर 2024, गुरुवार को दिया जाएगा. दिल्ली में सूर्यास्त का समय शाम 5 बजकर 32 मिनट का है. ऐसे में संध्या काल अर्घ्य शाम 5 बजकर 32 मिनट पर होगा. बता दें कि हर शहर का संध्या अर्घ्य सूर्यास्त का समय के आधार पर अलग-अलग हो सकता है.
सिर्फ इन लोगों के लिए शुभ होता है हीरा, पहनने से पहले जान लें इसके फायदे और नुकसान
6
मान्यता है कि सांय काल में सूर्य अपनी पत्नी प्रत्यूषा के साथ निवास करते हैं. ऐसे में छठ पूजा में सांय काल के वक्त सूर्य की अंतिम किरण प्रत्यूषा को अर्घ्य दिया जाता है और उनकी उपासना भी की जाती है. कहते हैं कि डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देने से कई मुसीबतें दूर हो सकती हैं. साथ ही सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से भी राहत मिल सकती है.
छठ पूजा के तीसरे दिन सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है. इस दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. यदि आस-पास पवित्र नदी न हो तो घर प पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया जा सकता है. इसके बाद भगवान सूर्य देव कर उपासना करें. उन्हें फल, फूल, गन्ना, ठेकुआ अर्पित करें. फिर शाम के समय हाथ में प्रसाद की टोकरी लेकर सूर्य देव की ओर मुंह करके जल में खड़े हो जाएं और डूबते सूर्य को अर्घ्य दें. सूर्य देव को अर्घ्य देते समय ‘ओम सूर्याय नमः’, ‘ॐ श्री सूर्याय नमः’ जैसे मंत्रों का जाप करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.