नई दिल्ली: साल 2020 गुजरने वाला है ऐसे में इस साल का आखिरी फुल मून 30 दिसंबर 2020 को दिखाई देगा. ज्योतिष शास्त्र में इसे मार्गशीर्ष पूर्णिमा कहा जाता है. यह साल का 13 वां फुल मून होगा. फुल मून (Full Moon) का तात्पर्य यहां पूर्णिमा से है. बता दें कि भारत में फुल मून 30 दिसंबर को सुबह 9 बजे दिखेगा. जबकि विदेशों में इसे 30 दिसंबर को 3.39 मिनट पर देखा जाएगा. एशिया, प्रशांत क्षेत्र, यूरोप और अफ्रीका में बुधवार को दिखेगा. वहीं दक्षिण अमेरिका, उत्‍तरी अमेरिका और कनाडा जैसे पश्चिमी गोलार्ध के देशों में यह 29 दिसंबर की रात दिखाई देगा. Also Read - Kojagiri Sharad Purnima 2017 Significance and Importance of this festival in Hindi | शरद पूर्णिमा 2017ः आज रात 16 कलाओं से परिपूर्ण रहता है चंद्रमा, जानें इसका महत्व

क्यों कहा जाता है कोल्ड मून (Cold Moon)
यह क्रिसमस के बाद पड़ता है जिस कारण इसे उत्तरी अमेरिका में ‘लॉन्‍ग नाइट्स मून’ कहा जाता है. वहीं, यूरोप में इसे मून आफ्टर यूल कहा जाता है. इस दौरान उत्तरी गोलार्ध में ठंड अपने चरम पर होती है और रातें भी काफी लंबी होती हैं. उत्‍तरी गोलार्ध के देशों के मौसम के हिसाब से कोल्‍ड मून ही कहा जाता है. Also Read - Guru Purnima mentioned in NASA tweet | गुरु पूर्णिमा 2017: नासा ने भी इस त्यौहार को बनाया बेहद खास, ट्वीट की पूरे चांद की तस्वीर

भारत में फुल मून- (Cold Moon In India)
भारत में फुल मून को पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, मार्गशीर्ष मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन पड़ने के कारण इसे मार्गशीर्ष पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. भारत में लोग इस दिन पूर्णिमा का व्रत रखते हैं. शुक्ल पूर्णिमा 29 दिसंबर को 07:54 बजे शुरू होकर 30 दिसंबर को 08:57 बजे खत्म होगी.