Coronavirus Alert Nizamuddin Tablighi Jamaat: कोरोनावायरस से लड़ने में पूरा देश एक साथ है. देश भर में लॉकडाउन है. लोगों को घरों से बाहर निकलने के मना किया गया है. वहीं एक खबर ने पूरे देश को चौंका दिया है. दरअसल, दिल्ली में कोरोना मामलों में एकाएक विस्फोट हुआ है. वजह बताई जा रही है तबलीगी जमात. मरकज से जुड़े 24 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. 228 संदिग्ध मरीज दिल्ली के दो अस्पतालों में भर्ती हैं. तेलंगाना के छह लोगों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हो गई है. ये सभी तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. Also Read - कोविड-19 से ठीक होने के बाद तिहाड़ जेल भेजा गया गैंगस्टर Chhota Rajan

Tablighi Jamaat – क्या है तबलीगी जमात

बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें 400 के करीब लोग शामिल हुए थे. इस कार्यक्रम का नाम था मरकज तबलीगी जमात. तबलीगी का मतलब है अल्लाह के संदेशों का प्रचार करने वाला. जमात का मतलब होता है समूह. मरकज का अर्थ है मीटिंग की जगह. जो लोग तबलीगी जमात से जुड़े हैं, वे पारंपरिक इस्लाम को मानते हैं. इसी का प्रचार-प्रसार करते हैं. इसका मुख्यालय दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में है. Also Read - कोविड मरीजों को दिया जा रहा निशुल्क 'कोरोना किट', पाने का है यह आसान तरीका; सिर्फ इस नंबर पर करें कॉल और...

Tablighi Jamaat- तबलीगी जमात के उसूल

तबलीगी जमात के मुख्य 6 उसूल हैं. कलिमा, सलात, इल्म, इक्राम-ए-मुस्लिम, इख्लास-ए-निय्यत, दावत-ओ-तबलीग. जो लोग इससे जुड़े हैं वे इन्हीं उसूलों का आगे प्रचार करते हैं. Also Read - देश के लिए अच्छी खबर, 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कम हो रहे कोरोना केस

Tablighi Jamaat- शुरुआत

कहा जाता है कि तबलीगी जमात आंदोलन को 1927 में मुहम्मद इलियास अल-कांधलवी ने शुरू किया था. उनका मकसद धर्म को बचाना और इस्लाम का प्रचार-प्रसार करना था. दरअसल, मुगल काल में कई लोगों ने इस्लाम कबूल किया था. लेकिन ब्रिटिश काल में आर्य समाज फिर से उन्हें हिंदू परंपरा और रीति-रिवाज में लौटा रहे थे. शुद्धिकरण अभियान चलाया जा रहा था, जिसके चलते मौलाना इलियास कांधलवी ने इस्लाम की शिक्षा देने का ये काम शुरू किया.

Tablighi Jamaat- निकाली जाती है जमात

तबलीगी जमात के मरकज से अलग-अलग हिस्सों के लिए जमातें निकलती हैं. ये जमातें 3 दिन, 5 दिन, 10 दिन, 40 दिन और 4 महीने तक की होती हैं. हर जमात में आठ से दस लोग होते हैं. दो लोग सेवा के लिए होते हैं जो खाना बनाते हैं.

Tablighi Jamaat- क्या करते हैं जमात के लोग

जमात में शामिल लोग सुबह-शाम के समय पूरे शहर में जाते हैं और लोगों से नजदीकी मस्जिद में पहुंचने के लिए कहते हैं. ये अलग-अलग इलाकों में इस्लाम का प्रचार करते हैं और अपने धर्म के बारे में लोगों को बताते हैं.