Coronavirus in Chaitra Navratri: देश भर में लॉकडाउन के बीच शक्ति उपासना यानी चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है. कोरोनावायरस के रूप में ये महामारी देश भर के लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है. पर शक्ति उपासना के इस समय में आप वेद-पुराणों में बताए गए उपायों को अपना सकते हैं. Also Read - झारखंड में भी थमने लगा कोरोना का कहर! संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड एक तिहाई की कमी

हमारे वेदों में महामारी से बचाव के लिए कुछ उपायों तो कुछ मंत्रों का जिक्र है. आप दोनों के बारे में जानें- Also Read - Bihar News: बक्सर में गंगा नदी में बहती मिलीं 30 से ज्यादा लाशें, लोगों में भय का माहौल; DM बोले- 'सभी शव बहकर आए'

– घर में सुबह और संध्या के समय में नीम की लकड़ी या पत्तों की धुनी जलाएं.
– घर का वातावरण साफ और पवित्र रखें.
– कपूर को खुली कटोरी में रखें.
– अपना वस्त्र, बिस्तर और अपनी तमाम चीजें किसी को छूने ना दें जैसे व्रत के समय में होता है. Also Read - लॉकडाउन से इस कदर परेशान हुए एक्टर Vijay Varma, घर ले आए नई बीवी!

श्री मार्कण्डेय पुराण में श्री दुर्गासप्तशती में किसी भी बीमारी या महामारी का उपाय देवी के स्तुति तथा मंत्र द्वारा बताया गया है.

रोग नाश के लिए-
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति॥

महामारी नाश के लिए-
ऊँ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते।।

भगवान शिव के बेहद कल्याणकारी और मृत्यु को टालने तक में सक्षम इस महामृत्युंजय मंत्र को जपें-
ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥