सावन की दूसरी सोमवारी (Second Somwari of Sawan Month) के अवसर पर आज देशभर के शिवालयों में भक्तों और कांवड़ियों का हुजूम उमड़ पड़ा है. झारखंड के देवघर से लेकर हरिद्वार की हरकी पौड़ी तक लाखों की तादाद में कांवड़िये अपने आराध्य भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंचे हैं. हरिद्वार में हरकी पौड़ी पर सोमवार की सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई. वहीं, झारखंड के देवघर स्थित भगवान शिव के मनोकामना लिंग के जलाभिषेक के लिए हजारों भक्त कांवड़ लेकर पहुंचे. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी सुबह से ही गंगा स्नान के बाद बाबा विश्वनाथ पर जल चढ़ाने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. हर तरफ बस बोल-बम और हर-हर महादेव की गूंज सुनाई पड़ रही है.

सोमवार का दिन वैसे भी भगवान शिव को अति प्रिय है. इसमें भी अगर सावन मास की सोमवारी को उनकी आराधना की जाए, तो इससे भगवान अति प्रसन्न होते हैं. यही वजह है कि पवित्र सावन मास की दूसरी सोमवारी के दिन देवाधिदेव महादेव को जल अर्पित करने के लिए देशभर के शिवालयों में शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा. दिल्ली हो या गोरखपुर, इलाहाबाद हो या वाराणसी, देवघर हो या कहीं और, सोमवार के दिन हर शिवालय में भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ अपने आराध्य देव का जलाभिषेक किया.

झारखंड के देवघर में दूसरी सोमवारी पर उमड़े शिवभक्त.

उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित हरकी पौड़ी पर गंगा स्नान को उमड़े श्रद्धालु.

गंगा स्नान को जाते शिवभक्त.

 

देवघर में इस समय श्रावणी मेला चल रहा है. इस दौरान वहां सुल्तानगंज से गंगा जल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा है. दूसरी सोमवारी के मौके पर सुल्तानगंज से देवघर के बीच 105 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करके आए कांवड़ियों ने देवाधिदेव को जल चढ़ाया.

दूसरी सोमवारी के पावन अवसर पर प्रयागराज (इलाहाबाद) के मंदिरों और शिवालयों में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी गई. यहां के मनकामेश्वर मंदिर में सुबह से ही भगवान शंकर को जल अर्पित करने के लिए दूर-दूर से कांवड़िये पहुंचे थे. स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में भगवान शंकर की आराधना के लिए शिवालयों में पहुंचे हुए थे.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित बाबा विश्वनाथ के दर्शन को कतार में लगे शिवभक्त.

दिल्ली में भी दूसरी सोमवारी के मौके पर भगवान शिव के जलाभिषेक को उमड़ी भीड़.

 

इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मंदिरों में भी दूसरी सोमवारी के अवसर पर शिवभक्तों का रेला लगा रहा. हजारों की संख्या में आए शिवभक्तों ने पूरे भक्तिभाव के साथ अपने आराध्य देव को जल अर्पित किया. भगवान शंकर को जल अर्पित करने के दौरान मंदिरों और शिवालयों में हर-हर महादेव का जयकारा लगाते शिवभक्त अपने आराध्य का दर्शन पाकर पुण्य लाभ कमा रहे थे.