Devshayani Ekadashi 2019: आषाढ़ की शुक्ल एकादशी यानी देवशयनी एकादशी इसी सप्‍ताह 12 जुलाई, शुक्रवार को है. Also Read - Devshayani Ekadashi 2020: देवशयनी एकादशी कल, जानें व्रत रखने का शुभ मुहूर्त और पारण का समय

देवशयनी एकादशी
आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी देवशयनी एकादशी कहते हैं. इस एकादशी का खास महत्व है. क्योंकि इसके बाद ही चार्तुमास शुरू हो जाता है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित होता है. Also Read - Devshayani Ekadashi 2019: ऐसे करें विष्‍णु पूजन, व्रत कथा, पूजन विधि, जानें शुभ मुहूर्त...

क्‍या करें इस दिन
आज के दिन भगवान विष्णु को नये वस्त्र पहनाए जाते हैं और उन्हें नये बिस्तर पर सुलाया जाता है. ऐसा करने से भगवान विष्णु भक्तों से प्रसन्न होते हैं और उन्‍हें मनचाहा आर्शीवाद देते हैं. Also Read - चातुर्मास 2019: देवशयनी एकादशी से होगी चौमासा की शुरुआत, चार महीने नहीं होंगे मांगलिक कार्य...

देवशयनी एकादशी का महत्व
इसे हरिशयनी एकादशी भी कहते हैं. भगवान विष्णु ही प्रकृति के पालनहार माने जाते हैं और उनकी कृपा से ही सृष्टि चल रही है. इसलिए जब श्रीहरि चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं तो उस दौरान कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता. इसी समय से चातुर्मास की शुरुआत भी हो जाती है.

देवशयनी एकादशी के बाद चार महीने तक सूर्य, चंद्रमा और प्रकृति का तेजस तत्व कम हो जाता है. इसलिए कहा जाता है कि देवशयन हो गया है. शुभ शक्तियों के कमजोर होने पर किए गए कार्यों के परिणाम भी शुभ नहीं होते. इसलिए कहा जाता है कि चातुर्मास के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए.

जब भगवान विष्णु जागते हैं, तो उसे देवोत्थान एकादशी या देवउठनी एकादशी कहा जाता है. इसके साथ ही शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं.