
Renu Yadav
रेनू यादव, India.Com हिंदी में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में करीब 15 वर्षों के अनुभव के दौरान उन्हें टेक्नोलॉजी, धर्म, लाइफस्टाइल, हेल्थ व अन्य विषयों ... और पढ़ें
Dharmeshwar Mahadev Temple: काशी को देवो के देव महादेव की नगरी कहा जाता है क्योंकि यह विश्व प्रसिद्ध बाबा विश्वनाथ का धाम है. जहां दर्शन करने के लिए दुनियाभर से भक्तजन पहुंचते हैं. काशी की विशेषता है कि यहां का हर मंदिर अपने आप में खास और महत्वपूर्ण है. यहां आपको जगह-जगह भगवान शिव के कई मंदिर दिखेंगे जो कि पौराणिक कथाओं से जुड़े हुए हैं. काशी में स्थित ऐसा ही लोकप्रिय मंदिर है धर्मेश्वर महादेव और इसे लेकर विभिन्न प्रकार की मान्यताएं हैं. इस मंदिर की खासियत है कि यहां भगवान शिव के साथ यमराज भी विराजते हैं. इसके अलावा इस मंदिर में एक रहस्यमयी कुआं भी मौजूद है.
भगवान शिव ने यमराज को यही पर यम की उपाधि दी थी. प्रचलित लोककथा के अनुसार एक समय भगवान शिव धरती में मरने वाले लोगों के स्वर्ग और नरक में जाने को काफी चिंतित थे. उसी दौरान यम ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए काशी में तपस्या कर रहे थे और बार-बार असफल हो रहे थे. जिसके बाद भगवान विष्णु ने उन्हें काशी में ही एक कुंड बनाकर उसमें स्नान करने के बाद 16 चौकड़ी अराधना करने की सलाह दी. भगवान विष्णु के कहे अनुसान यम ने ऐसा ही किया और फिर से तप आरंभ किया. उनके तप से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें यमराज का नाम दिया और मोक्ष पाने वालों का हिसाब रखने की जिम्मेदारी भी यमराज को दी.
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धर्मेश्व मंदिर में मौजूद कुआं ही वह कुंड है जिसका निर्माण स्वयं यमराज ने किया था और मान्यता है कि यह कुआं व्यक्ति को मुत्यु के नजदीक आने का इशारा देता है. कहा जाता है कि जो कि इस मंदिर में भगवान शिव और यमराज के दर्शन के लिए जाते हैं वह इस कुएं को भी देखते हैं. यदि कुएं में व्यक्ति की परछाई दिखाई न दे तो अगले 6 महीनों में उसकी मृत्यु हो जाती है.
हालांकि, यह वहां के लोगों की मान्यता है कि इस बात को अभी तक कोई भी प्रमाण सामने नहीं आया है. ऐसा माना जाता है कि यमराज ने यहीं भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तप किया था जिसके बाद उन्हें मनुष्य के स्वर्ग व नरक में जाने का हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी मिली.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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