नई दिल्ली: दिवाली का त्योहार आने में कुछ ही दिन बाकी है. यह त्योहार बिंदू धर्म का बेहद ही महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है. दिवाली में घरों की साफ,सफाई की जाती है साथ ही दीप जलाए जाते हैं. दिवाली में माता लक्ष्मी की पूजा काफी खास होती है. माना जाता है कि दिवाली के दिन माता लक्ष्मी आपके घर आती हैं. इसलिए द्वार पर भी रंग से देवी के पैरों की छाप एवं शुभ चिन्ह बनाये जाते हैं. पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को भोग में कई तरह की चीजें चढ़ाई जाती हैं. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप दिवाली पूजा में माता लक्ष्मी को चढ़ा सकते हैं. इनसे माता लक्ष्मी काफी प्रसन्न होती है. Also Read - कर्नाटक की IPS ऑफिसर बोलीं- पटाखे जलाना 'हिंदू ट्रेडिशन' का हिस्सा नहीं, हो गईं ट्रोल

नारियल- इसे देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए शिवजी को इसका भोग नहीं लगता लेकिन देवी कमला का संबंध विष्णु जी से है इसलिए उन्हें भी नारियल का प्रसाद चढ़ता है. Also Read - सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने इन लोगों से कहा- शुक्रिया, VIDEO शेयर कर जताया आभार, जानिए वजह

मखाना- मखाना देवी लक्ष्मी को बहुत पसंद होता है क्योंकि यह कमल के फूल के बीज से बनता है इसलिए इसे फूल मखाना भी कहा जाता है. मां लक्ष्मी के भोग में यह अनिवार्य रुप से चढ़ता है. मखाने की खीर बनाकर तथा उसे घी में हल्का सेंककर भी भोग दिवाली की पूजा के समय लगाया जाता है. Also Read - आश्रम की 'पम्मी' ने दिया अपने घर की रंगोली और दीया का Inside View, Aditi Pohankar की दिवाली मेमोरी

बताशे- बताशे का संबंध चंद्रमा से है इसलिए माता को भी यह पसंद है. इसलिए विशेषकर बताशे एवं चीनी के खिलौने मां को प्रसाद के रुप में चढ़ते हैं. साथ ही खीर और मिठाई के रुप में अन्य सफेद प्रसाद भी मां को खुश करने के लिये चढ़ाए जाते हैं.

पान का पत्ता– पान ही एकमात्र ऐसा भोग होता है, जो सबसे आखरी में लगता है. लक्ष्मी जी को वैसे तो मीठा पान चढ़ाया जाता है लेकिन यदि मीठा पान उपलब्ध नहीं होता है तो पान के सादे पत्ते को भी श्रीचरणों में अर्पित किया जा सकता है.

सिंघाड़ा- हरे और काले, दोनों ही प्रकार के सिंघाड़े माता को प्रसाद स्वरुप चढ़ाये जाते हैं. दिवाली पर इनका विशेष महत्व होता है.

दही – गाय के दूध से बनी दही का भोग लगाने से मां की कृपा हासिल की जा सकती है. भोग लगाने के बाद घर के सदस्यों को प्रसाद रूप में उसे बांटे इससे शुभ फल प्राप्त होता है.