Diwali 2020: दिवाली (Diwali) का उत्सव है मां लक्ष्मी के पूजन का. जिससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर हर मनोकामना पूर्ण करें. घर में सुख-शांति हो और धन-धान्य की कमी ना रहे. Also Read - कर्नाटक की IPS ऑफिसर बोलीं- पटाखे जलाना 'हिंदू ट्रेडिशन' का हिस्सा नहीं, हो गईं ट्रोल

मां लक्ष्मी के पूजन में यूं तो कई चीजों का प्रयोग होता है पर दिवाली पर खासतौर पर उन्हें खील-बताशे का प्रसाद अर्पित किया जाता है. क्या आप जानते हैं कि हर साल यही प्रसाद क्यों खरीदते हैं? हम बताते हैं- Also Read - सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने इन लोगों से कहा- शुक्रिया, VIDEO शेयर कर जताया आभार, जानिए वजह

– मां लक्ष्‍मी को सफेद रंग की चीजों का भोग लगाया जाता है. खील-बताशे दोनों ही सफेद होते हैं. इसलिए ये मां को प्रिय हैं. Also Read - आश्रम की 'पम्मी' ने दिया अपने घर की रंगोली और दीया का Inside View, Aditi Pohankar की दिवाली मेमोरी

– खील धान से बनती है, जो चावल का ही एक रूप है. पुराने समय में मां लक्ष्मी को सबसे पहले इस फसल का भोग लगाया जाता था.

– दिवाली पर शुक्रदेव को प्रसन्न करने के लिए भी ये भोग लगाया जाता है.

– खील-बताशे को शुद्ध माना गया है. इसलिए देवी को ये भोग लगाया जाता है.

दिवाली पर जरूर करें ये काम-
चौखट को सजाएं. तोरण, फूल, रंगोली बनाएं. घर में हर ओर सुगंध हो. घर में कोई सामान बिखरा ना हो. कूड़ा आदि बाहर फेंक दें. स्वास्तिक अवश्य बनाएं.

दीपावली का शुभ मुहूर्त
14 नवंबर को चतुर्दशी तिथि पड़ रही है जो दोपहर 1:16 तक रहेगी. इसके बाद अमावस तिथि का आरंभ हो जाएगा जो 15 नवंबर की सुबह 10:00 बजे तक रहेगी. हालांकि, 15 तारीख को केवल स्नान दान की अमावस्या की जाएगी. गौरतलब है कि लक्ष्मी पूजा संध्याकाल या रात्रि में दिवाली में की जाती है.