मासिक दुर्गाष्‍टमी इसी सप्‍ताह 9 जुलाई, मंगलवार को है. ये दुर्गाष्‍टमी इसलिए भी खास है क्‍योंकि ये गुप्‍त नवरात्र‍ि में पड़ रही है.

पूजा विधि
स्नान करके शुद्ध हो जाएं, फिर पूजा के स्थान को गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि कर लें. इसके पश्चात लकड़ी के पाट पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर लें.

फिर माता को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, फिर प्रसाद के रूप में आप फल और मिठाई चढ़ाएं अब धुप और दीपक जलाएं. दुर्गा चालीसा का पाठ करें और फिर माता की आरती करें. फिर हाथ जोड़कर देवी से प्रार्थना करें माता आपकी इच्छा ज़रूर पूरी करेंगी.

दुर्गा अष्टमी कथा
सदियों पहले पृथ्वी पर असुर बहुत शक्तिशाली हो गए थे और वे स्वर्ग पर चढ़ाई करने लगे. उन्होंने कई देवताओं को मार डाला और स्वर्ग को बर्बाद करना शुरू कर दिया. महिषासुर सभी में सबसे शक्तिशाली असुर था. तो भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा ने शक्ति स्वरूप देवी दुर्गा को बनाया.

हर देवता ने देवी दुर्गा को विशेष हथियार प्रदान किया. इसके पश्चात् आदिशक्ति दुर्गा पृथ्वी पर आई और असुरों का वध किया. माँ दुर्गा ने महिषासुर की सेना के साथ युद्ध किया और अंत में उसे मार दिया. उस दिन से दुर्गा अष्टमी का पर्व प्रारम्भ हुआ.