Shardiya Navratri 2025: दुर्गा अष्टमी के दिन इस शुभ मुहूर्त में करें कन्या पूजन...मां दुर्गा प्रसन्न होकर बरसाएंगी कृपा

Shardiya Navratri 2025 Kanya Puja Shubh Muhurat Puja Vidhi: दुर्गा अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व माना गया है. कहते हैं कि इस दिन यदि विधि-विधान से कन्याओं का पूजन किया जाए तो मां दुर्गा सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं.

Published date india.com Updated: September 30, 2025 9:49 AM IST
Shardiya Navratri 2025: दुर्गा अष्टमी के दिन इस शुभ मुहूर्त में करें कन्या पूजन...मां दुर्गा प्रसन्न होकर बरसाएंगी कृपा

Shardiya Navratri 2025 Durga Ashtami Shubh Muhurat: वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि 30 सितंबर 2025, मंगलवार को है. जिसे दुर्गा अष्टमी भी कहा जाता है. जिन लोगों के घरों में अष्टमी के दिन व्रत खोला जाता है वह इस दिन कन्या पूजन करते हैं. वहीं जो लोग नवमी का पूजन करते हैं वह नवमी तिथि के दिन कन्या पूजन करते हैं. कन्याओं को मां दुर्गा का ही स्वरूप माना गया है. कहते हैं कि दुर्गा अष्टमी यानि नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन यदि घर में कन्याओं को बुलाकर भोजन कराया जाए तो इसे मां दुर्गा का आगमन व आशीर्वाद माना जाता है. आइए जानते हैं अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और विधि.

दुर्गा अष्टमी 2025 तिथि (Navratri 2025 Durga Ashtami Tithi)

वैदिक पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 29 सितंबर को शाम 4 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी और 30 सितंबर को शाम 6 बजकर 5 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार महाअष्टमी यानि दुर्गा अष्टमी 30 अक्टूबर 2025, मंगलवार को मनाई जाएगी.

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कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त (Navratri 2025 Kanya Pujan Shubh Muhurat)

नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व माना गया है. यह पूजन यदि शुभ मुहूर्त में किया जाए तो शुभ फल प्रदान करता है. पंचांग के अनुसार 30 सितंबर को कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 2 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा. इसके बाद सुबह 10 बजकर 42 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक का मुहूर्त भी शुभ है. इसके अलावा अभिजित मुहूर्त को भी शुभ माना जाता है जो कि सुबह 11 बजकर 46 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा.

कन्या पूजन की विधि (Navratri 2025 Kanya Pujan Puja Vidhi)

अष्टमी तिथि के दिन छोटी कन्याओं को घर पर आमंत्रित करें और उनके पैर धोकर कपड़े से साफ करें. इसके बाद उन्हें आसन पर बिठाएं और तिलक करें. फिर चुनरी पहनाएं और भोजन की थाली लगाएं. कहते हैं कि मां दुर्गा को हलवा-चना बेहद ही प्रिय है. इसलिए कन्या पूजन के समय कन्याओं का हलवे व चने का प्रसाद अवश्य दें. भोजन करने के पश्चात उनके पैर छुएं और दक्षिणा देकर विदा करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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