Durga Pooja 2019: दुर्गा पूजा के दौरान मां दुर्गा की पूजा की जाती है. देवी दुर्गा की आराधना का यह पर्व दुर्गा उत्सव के नाम से भी जाना जाता है.

हर साल दुर्गा पूजा की शुरुआत महालया से होती है. पर प्रमुख रूप से ये पर्व शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि से आरंभ होता है. दुर्गा पूजा उत्सव में षष्ठी, सप्तमी, महाअष्टमी, नवमी और विजयादशमी का विशेष महत्व है.

Durga Pooja 2019 Dates
षष्‍ठी- 4 अक्‍टूबर, शुक्रवार- कल्‍परम्‍भ
सप्‍तमी- 5 अक्‍टूबर, शनिवार- नवपत्रिका पूजा
अष्‍टमी- 6 अक्‍टूबर, रविवार- दुर्गा महाष्‍टमी पूजा
नवमी- 7 अक्‍टूबर, सोमवार- महा नवमी पूजा
दशमी- 8 अक्‍टूबर, मंगलवार- दशहरा, दुर्गा विसर्जन

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दुर्गा पूजा महत्‍व
बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर विजय के रूप में दुर्गा पूजा का पर्व मनाया जाता है. इसलिए दुर्गा पूजा पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर भी जाना जाता है.

यह पर्व विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, त्रिपुरा, मणिपुर बिहार और झारखंड में मनाया जाता है.

मान्यता है कि दुर्गा पूजा के समय स्वयं देवी दुर्गा कैलाश पर्वत को छोड़ धरती पर अपने भक्तों की बीच रहने आती हैं. मां दुर्गा देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती, कार्तिकेय और गणेश के साथ धरती पर अवतरित होती हैं.

पूजन
कहा जाता है कि देवी दुर्गा षष्‍ठी तिथि को धरती पर आई थीं. षष्ठी के दिन बिल्व निमंत्रण पूजन, कल्पारंभ, अकाल बोधन, आमंत्रण की परंपरा है. सप्तमी पर नवपत्रिका पूजा की जाती है.

महाष्टमी को दुर्गा पूजा का मुख्य दिन माना जाता है. महाष्टमी पर संधि पूजा होती है. यह पूजा अष्टमी और नवमी दोनों दिन चलती है. संधि पूजा में अष्टमी समाप्त होने के अंतिम 24 मिनट और नवमी प्रारंभ होने के शुरुआती 24 मिनट के समय को संधिक्षण कहते हैं.

दशमी के मौके पर दुर्गा विसर्जन, विजयदशमी और सिंदूर उत्सव मनाया जाता है.

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