Durga Pooja 2019: दुर्गा पूजा के दौरान मां दुर्गा की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की जाती है. लोग दुर्गा पांडालों में जाकर देवी दुर्गा की आराधना करते हैं.

यह पर्व विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, त्रिपुरा, मणिपुर बिहार और झारखंड में मनाया जाता है.

Durga Pooja 2019: दुर्गा पूजा तिथियां, महत्‍व, पूजन, संधि पूजा…

कैसे मनाया जाता है दुर्गा उत्‍सव
महालया के बाद वाले सप्‍ताह को देबी पॉक्ष कहा जाता है. मुख्‍य उत्‍सव षष्‍ठी तिथि से आरंभ होता है. पंडालों में मां दुर्गा, सरस्‍वती, लक्ष्‍मी, कार्तिकेय, भगवान गणेश और महिषासुर की प्रतिमाओं को स्‍थापित किया जाता है.

षष्‍ठी के दिन घर की महिलाएं व्रत रखती हैं. सप्‍तमी के दिन से देवी पंडालों की रौनक देखते ही बनती है. मां दुर्गा को भोग लगाया जाता है जिसमें खिचड़ी, पापड़, सब्‍जियां, बैंगन भाजा और रसगुल्‍ला मुख्‍य हैं. अष्‍टमी के दिन भी देवी मां की आराधना की जाती है और उन्‍हें कई तरह के पकवान चढ़ाए जाते हैं.

नवमी की रात दुर्गा मां की आखिरी रात मानी जाती है. इसके बाद दशमी यानी दशहरे के दिन सुबह सिंदूर खेला के बाद दुर्गा मां का विसर्जन कर विदाई दी जाती है.

संधि पूजा
महाष्टमी को दुर्गा पूजा का मुख्य दिन माना जाता है. महाष्टमी पर संधि पूजा होती है. यह पूजा अष्टमी और नवमी दोनों दिन चलती है. संधि पूजा में अष्टमी समाप्त होने के अंतिम 24 मिनट और नवमी प्रारंभ होने के शुरुआती 24 मिनट के समय को संधिक्षण कहते हैं.

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