Durga Pooja 2020 In Kolkata: महाषष्ठी के साथ पांच दिनों का दुर्गा पूजा उत्सव शुरू हो चुका है. हालांकि इसके बावजूद भी कोलकाता की सड़कों पर पिछले साल की तरह श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं दिख रही है.Also Read - UNESCO ने कोलकाता की दुर्गा पूजा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल किया | Latest News Video

उल्लेखनीय है कि कलकत्ता उच्च न्यायलय ने सभी पूजा पंडालों को ‘प्रवेश निषेध क्षेत्र’ घोषित कर दिया है. Also Read - Happy Durga Pooja 2020 Wishes: दुर्गा पूजा का आरंभ, भेजें ये SMS, Whatsapp Messages

एकडलिया एवरग्रीन, सिंघी पार्क, अहीरटोला सर्बोजोनीन, त्रीधारा सम्मिलानी, चेतला अग्रणी सहित कई विशाल पंडाल खाली नजर आ रहे हैं. दरअसल, वहां कुछ आयोजकों और स्थानीय बाशिंदों को ही अंदर जाने की अनुमति है. Also Read - ममता बनर्जी ने पूजा पंडालों को दिए 50-50 हज़ार रुपए, नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने कहा- ये सही कदम

हालांकि, लोगों के समूह कुछ दूरी से पंडाल की तस्वीर लेते हुए और सड़क पर बिकने वाली खाने-पीने की चीजों का लुत्फ़ उठाते दिख रहे हैं.

टॉलीगंज इलाके में आईटी पेशेवर पीयुष सिन्हा ने कहा कि उन्होंने कुछ प्रमुख पूजा स्थलों के मोबाइल ऐप डॉउनलोड किये हैं क्योंकि वह इन पंडालों में इस उत्सव का आनंद उठाने का मौका नहीं चूकना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के बीच हमारी जान को जोखिम में डालने का कोई मतलब नहीं है. ज्यादातर पूजा पंडालों ने अपने ऐप पेश किये हैं और कुछ यूट्यूब पर सीधा प्रसारण भी कर रहे हैं, फिर जोखिम क्यों मोल लिया जाए? ’’

संतोषपुर लेक पल्ली के सचिव सोमनाथ दास ने कहा, ‘‘श्रद्धालु 10 मीटर की दूरी से मां दुर्गा के दर्शन करेंगे, लेकिन अभी तक ज्यादा लोग नहीं आये हैं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यूट्यूब पर हमारी पूजा का सीधा प्रसारण करने का इंतजाम किया है.’’

श्रीभूमि स्पोर्टिंग क्लब में आयेाजकों ने पंडाल के बाहर मंच का एक हिस्सा हटा दिया, ताकि श्रद्धालु प्रतिमा का नजदीक से दर्शन कर सकें.

कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दिन में ज्यादा संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर नहीं उमड़ रहे हैं. साथ ही, शहर में कहीं से भी अदालत के आदेश का उल्लंघन किए जाने की सूचना नहीं है. हालांकि, उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन के लिये सभी इंतजाम किये गये हैं.

उल्लेखनीय है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक आदेश में सामुदायिक दुर्गा पूजा पंडालों को ‘‘प्रवेश निषेध क्षेत्र ’’ घोषित कर दिया.
(एजेंसी से इनपुट)