Durga Puja 2025: किस दिन मनाई जाएगी सिंदूर खेला की रस्म? नोट करें डेट और जानिए क्या है ये 450 साल पुरानी प्रथा?

Durga Puja 2025: शारदीय नवरा​त्रि के दौरान बंगाल में दुर्गा पूजा का पर्व मनाया जाता है. जगह-जगह मां दुर्गा के पंडाल सजाए जाते हैं और फिर सिंदूर खेला की रस्म निभाई जाती है.

Published date india.com Published: September 29, 2025 3:05 PM IST
Durga Puja 2025: किस दिन मनाई जाएगी सिंदूर खेला की रस्म? नोट करें डेट और जानिए क्या है ये 450 साल पुरानी प्रथा?

Durga Puja 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है और इस दौरान भक्त विभिन्न तरीकों से मां दुर्गा की उपासना करते हैं. बंगाल में इस दौरान दुर्गा पूजा का आयोजन होता है और जगह-जगह पंडाल सजाए जाते हैं और मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित की जाती है. बंगाली समुदाय में मां दुर्गा की पूजा के दौरान कई तरह की रस्में व परपंराएं निभाई जाती हैं, जिनमें से एक है सिंदूर खेला की रस्म. इस दौरान विवाहित महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अपने अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं. आइए जानते हैं कब है सिंदूर खेला?

सिंदूर खेला 2025 कब है?

सिंदूर खेला की रस्म दशहरा के दिन निभाई जात है. वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल दशहरा 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाया जाएगा. यानि सिंदूर खेला का पर्व भी 2 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा.

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सिंदूर खेला का महत्व

बंगाली समुदाय में दुर्गा विसर्जन यानि दशहरा का दिन बहुत ही खास होता है और इस दिन मां दुर्गा की विदाई की जाती है. इस पर्व को महिलाएं बड़ी धूमधाम के साथ सेलिब्रेट करती हैं क्योंकि बंगाल में दुर्गा विसर्जन के दिन सिंदूर खेला की रस्म होती है. इस दिन महिलाएं पहले मां दुर्गा को सिंदूर लगाती हैं और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर यह त्योहार मनाती है. मान्यताओं के अनुसार यह बंगाल की 450 साल पुरानी प्रथा है और इसे बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है.

पति की लंबी उम्र की कामना

कहते हैं कि मां दुर्गा को सिंदूर लगाने के बाद महिलाएं आपस में एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं. सिंदूर खेला के दिन पान के पत्तों से मां दुर्गा के गालों को स्पर्श उनकी मांग और माथे पर सिंदूर लगाकर महिलाएं अपने सुहाग की लंबी उम्र की कामना करती हैं. फिर मां को पान और मिठाई का भोग लगाया जाता है. इस दौरान बंगाल का पारंपरिक नृत्य धुनुची किया जाता है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं. India.Com इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.

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