नई दिल्ली: दिल्ली के किराड़ी इलाके में विशाल मां दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया. श्री मिथिला शारदीय दुर्गा पूजा समिति द्वारा भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में स्त्री और पुरुष भक्तों ने पूरी रात मां दुर्गा के भजनों का आनंद लिया. मिथिला के रीति रिवाज और संस्कृति को राजधानी दिल्ली में जीवित रखने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिससे आने वाली पीढ़ी को उनके संस्कार और संस्कृति के बारे में सही तरीके से पता चल सके. और वह अपने लोगों से और अपनी संस्कृति से जुड़े रहे.

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राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में दुर्गा पूजा का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास आस्था के साथ मनाया जा रहा है. इन 9 दिनों में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापना की जाती है और खासतौर पर मैथिली रीति रिवाज और विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा अर्चना होती है. दिल्ली के किरारी इलाके में भी पिछले कई सालों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है. यहां सन् 1991 से किराड़ी के इंदर एनक्लेव में श्री मिथिला शारदीय दुर्गा पूजा समिति द्वारा एक विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जो कि हर साल बढ़ता रहता है. किराड़ी के इस मंदिर की दुर्गा पूजा में पूजा विधि का विशेष महत्व है, क्योंकि पूरे विधि विधान के साथ मिथिला की संस्कृति में यहां पूजा-अर्चना की जाती है. जो कि पूरी दिल्ली में प्रसिद्ध है हजारों की संख्या में यहां भक्तों पूरी पूरी रात मां दुर्गा की भजन संध्या करते हैं और उनकी पूजा अर्चना कर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं.

durga pooja celebration

अग्रिम पंक्ति और पंडाल के अंदर महिलाओं के बैठने की व्यवस्था होती है साथ ही साथ पंडाल के पीछे और चारों तरफ पुरुषों के खड़े होने की व्यवस्था की जाती है. जहां पुरुष पूरी रात दुर्गा मैया के भजन सुनते हैं और मां दुर्गा की पूजा अर्चना में लीन हो जाते हैं.  सन 1991 में बिहार से आए हुए लोगों ने यह श्री मिथिला शारदीय दुर्गा पूजा समिति बनाकर दुर्गा पूजा करने की शुरुआत की. इसका मूल उद्देश वैदिक तांत्रिक और अध्यात्मिक तो था ही साथ ही साथ समाज को एकत्रित कर अपनी सभ्यता-संस्कृति को स्थापित करना एवं अक्षण रखना भी था.  ताकि आने वाली पीढ़ी मिथिला की संस्कृति एवं सभ्यता को भली-भांति समझ सके. इसी मंच से कई बड़े-बड़े कलाकार अपने जीवन के शिखर तक पहुंचे. कुल मिलाकर खिलाड़ी इलाके में यह एक सफल आयोजन है जो हर साल इसी प्रकार किया जाता है और यहां पर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं जिससे भक्तों सुरक्षित होकर दुर्गा पूजा का आनंद ले सकें और माता के भजनों में लीन होकर उसका अद्भुत दर्शन कर सकें.