दशहरा रावण दहन 2018 मुहूर्त: अश्विन मास के शुक्लपक्ष की दशमी को दशहरा का त्योहार मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि आज के दिन ही मां दुर्गा ने असुर महिषासुर का और भगवान राम ने रावण का वध किया था. इसलिए इस त्योहार को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में देखा जाता है. Also Read - दशहरा जुलूस के दौरान हुआ पथराव, इलाके में तनाव के बीच लगाई गई कर्फ्यू, इंटरनेट बंद

Also Read - भाजपा और जदयू में दरार की अटकलें तेज, दशहरा उत्सव में किसी बीजेपी नेता ने नीतीश के साथ नहीं किया मंच साझा

इस दिन रावण दहन किया जाता है और साथ में रावण के भाई कुंभकरण और बेटे मेघनाद के पुतलों को भी जलाया जाता है. हालांकि प्रत्येक वर्ष रावण दहन शाम के वक्त होता है, लेकिन इस बार पंचक लगने के कारण रावण दहन दोपहर से पहले ही करना होगा. शुक्रवार 19 अक्टूबर को पंचक दोपहर 1:58 बजे को लग जाएगा. Also Read - Video: दशहरा उत्सव में शामिल हुए पीएम मोदी, दिल्ली के राम लीला मैदान में जलाया रावण

रावण दहन का मुहूर्त:

पंचक शुरू: शुक्रवार, 19 अक्टूबर को दोपहर 1:58 बजे से 24 अक्टूबर सुबह 9:22 बजे तक.

रावण दहन का मुहूर्त: पंचक लगने के कारण दिन में 1:58 बजे से पहले ही रावण दहन हो जाना चाहिए. पंचक में रावण दहन करना वर्जित होता है.

Happy Dussehra 2018: इन संदेशों और शुभकामनाओं से दशहरा को बनाएं खास, भेजें Wishes, WhatsApp, Instagram, Facebook, SMS quotes और फोटो

क्यों नहीं किया जाता पंचक में रावण दहन:

पंडित विनोद मिश्र के अनुसार पंचक में चार काम वर्जित हैं. मकान बनाना, खाट बनाना, चूल्हा बनाना और दाह संस्कार करना. हिन्दू पंचांग में पंचक को शुभ नहीं माना जाता है और इसमें भूलकर भी ये चार काम नहीं किए जाते हैं.

पंचक में रावण दहन ना करने के पीछे एक कारण यह है कि रावण दहन को दरअसल, एक तरह से दाह संस्कार के रूप में ही देखा जाता है. इसलिए पंचक में भूलकर भी रावण दहन नहीं किया जाता है.

एजुकेशन और करियर की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए करियर न्यूज पर क्लिक करें.