नई दिल्ली: 25 अक्टूबर को दशहरा है. इस दिन भारते के सभी हिस्सों में रावण दहन किया जाता है . दशहरा के साथ ही नवरात्रि की समाप्ति होती है. दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. इस दिन जगह-जगह पर रावण के पुतले बनाए जाते हैं और उनकी दहन किया जाता है. लेकिन कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां इस दिन रावण की पूजा की जाती है.  आइए जानते हैं इसके बारे में-Also Read - भारत में 2 सालों में पेड़, वन क्षेत्र में 2261 वर्ग KM की बढ़ोतरी हुई : ISFR Report

मंदसौर में औरतें घूंघट में रावण की पूजा करती हैं. इसके अलावा संतान की इच्छा रखने वाली महिलाएं भी रावण की पूजा करती हैं. यहां पर दशहरे के दिन लोग सुबह ढोल-बाजे के साथ रावण की पूजा अर्चना करते हैं. और शाम को रावण का दहन किया जाता है. लेकिन दहन से पहले यहां के लोग रावण से माफी मागते हैं. Also Read - 50% कैपसिटी के साथ चलते रहेंगे स्‍कूल, फिलहाल नहीं होंगे बंद: सीएम शिवराज सिंह चौहान

बता दें कि प्राचीनकाल में मंदसौर को दशपुर के नाम से जाना जाता था. दशपुर रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था. जिस कारण कारण के लोग रावण को अपना दामाद मानते हैं. दशहरे के दिन जहां सभी जगहों पर लोग रावण का पूतला जलाते हैं वहीं मंदसौर में रावण की पूजा की जाती है. मंदोदरी को अपने वंश की बेटी मानने वाले एक समाज के लोग रावण को सम्मान देते हैं. Also Read - Covid Update: Mask नहीं लगाने वालों पर इस राज्य में सख्ती, अब नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल